बाबूलाल मरांडी के ताजपोशी पर झामुमो का तंज- कहा मोरहाबादी में बनवा देंगे कुतुब मीनार

    बाबूलाल मरांडी के ताजपोशी पर झामुमो का तंज- कहा मोरहाबादी में बनवा देंगे कुतुब मीनार

    रांची(RANCHI): भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की ताजपोशी पर सियासत शुरू हो गयी है.एक ओर भाजपा के सभी लोगों में उत्साह है तो दूसरी ओर झामुमो बाबूलाल के ताजपोशी पर तंज कसा है. झामुमो ने मोरहाबादी मैदान में कुतुब मीनार बनाने की बात कही है. इसी कड़ी में झामुमो केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रेस वार्ता कर भाजपा पर निशाना साधा.

    14 वर्ष का वनवास खत्म

    सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि देश की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा को 2019 के बाद अब तक एक भी ऐसा विधायक नहीं मिला जो विपक्ष का नेता बनाया जा सके.आखिर बाबूलाल मरांडी  14 वर्ष का वनवास खत्म कर भाजपा में वापस आगए. यह वही बाबूलाल है जिन्हें पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झारखंड का कोढ़ बताया था.

    मुह में राम बगल में छुरी

    सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद तीसरी दुनिया से उठा कर बाबूलाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाना पड़ा है,ऐसा हाल हो गया कि कोई जनाधार वाला नेता इनके पास नहीं बचा है. भाजपा के लोग आदिवासी की बात करते है लेकिन आदिवासी पर पेशाब भी यही लोग करते है इससे साफ होता है कि मुह में राम बगल में छुरी वाला हाल है. बिहार में घेराव के नाम पर पुलिस पर मिर्चे का पावडर डालने का काम किया है.

    भाजपा के पास कोई नेता नहीं बचा

    NCP पर कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री ने घोटाले की पार्टी बताया था. लेकिन उसी NCP को तोड़ कर महाराष्ट्र सरकार में शामिल कर उन्हें मत्वपूर्ण विभाग में मंत्री बनाया गया. ऐसा ही हाल मध्यप्रदेश में हुआ है. अब भाजपा के पास कोई नेता नहीं बचा है जो मुद्दे की बात सके. अब तोड़ जोड़ कर सरकार में बने रहना चाहते है.

    बाबूलाल के पास कोई मुद्दा नहीं

    बाबूलाल मरांडी के ताजपोशी के बाद मिलान समारोह का आयोजन किया गया. इस समारोह में बाबूलाल के पास कोई मुद्दा नहीं था वह कार्यकर्ता से खाने पीने की बात कर रहे थे. भाजपा कई गुट में बटी गयी है. एक रघुवर ,दूसरी अर्जुन,तीसरी दीपक और चौथी बाबूलाल गुट है.ऐसे में भाजपा के लिए एक बड़ी मुसीबत है. यह प्रयोग बाबूलाल को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने के लिए किया गया है. बाहर का रास्ता बाबूलाल को दिखने भी लगा है.आज यह डर उनके चेहरे पर दिख रहा है.

    भाजपा में कोई आदिवासी मूलवासी नहीं जा सकता है

    झारखंड अलग राज्य हमें खैरात में नहीं मिला है. झारखंड आंदोलन में सैकड़ो जान गई है. कइयों के घर टूटे है,जेल जाना पड़ा था तब हमें अलग राज्य मिला है. भाजपा के साथ कभी झारखंड का आदिवासी मूलवासी नहीं जा सकता है. क्योंकि यहां के आदिवासी जानते है कि CNT SPT में किस तरह से छेड़छाड़ करने का काम भाजपा ने किया है. बाबूलाल के लिए एक कुतुबमीनार मोरहाबादी मैदान में बना देते है. साथ ही प्रशासन से मांग किया कि भाजपा कार्यालय के चारों ओर जाली लगा दे जिससे अगर बाबूलाल मरांडी भाजपा कार्यालय के बिल्डिंग पर चढ़ कर खुद ना जाए.बाबूलाल से जनता 14 वर्ष का जवाब मांगेगी. जनता के पास सवाल है कि आखिर 6 /7 विधायक हर बाद जनता ने उन्हें दिया और वह उसे भाजपा के हाथों बेचते गए है. यह जवाब देना पड़ेगा.

    रिपोर्ट. समीर हुसैन


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