झारखंड के युवाओं का भविष्य अधर में, तीन सालों में JSSC द्वारा हुई मात्र 357 नियुक्तियां

    झारखंड के युवाओं का भविष्य अधर में, तीन सालों में JSSC द्वारा हुई मात्र 357 नियुक्तियां

    रांची(RANCHI): देश भर के युवा पढ़-लिख कर अफसर या अधिकारी बनना चाहते हैं. युवा इसके लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, खूब पढ़ाई करते हैं ताकि जब वैकेन्सी आए, तब उनसे कोई चूक ना हो, और वे जल्द से जल्द अधिकारी बन सके. झारखंड के युवा भी इसमें पीछे नहीं है, युवा जी तोड़ मेहनत करते हैं और कर भी रहे हैं. युवाओं की बस यही उम्मीद होती है कि समय-समय पर सरकार वैकेन्सी निकाले. मगर, सरकार और परीक्षा कराने वाली संस्थाएं युवाओं की इस उम्मीद पर खरी नहीं उतर पा रही हैं. झारखंड में सरकारी पदों के लिए परीक्षा कराने का दायित्व दो संस्थाओं के पास है. एक है झारखंड लोक सेवा आयोग यानी कि JPSC  और दूसरा है झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी कि JSSC.

    कई सारी परीक्षाएं कराने की जिम्मेदारी JSSC की

    आज हम बात करेंगे JSSC की. JSSC राज्य के युवाओं और सरकारी पदों के लिए CGL, CHSL, पंचायत सचिव, MTS आदि कई सारी परीक्षाएं कराती हैं. इन सभी परीक्षाओं की बात करें तो इससे राज्य के कई हजार युवाओं को नौकरी मिलती है. साथ ही खाली पदों के कारण जो सरकारी काम अटके पड़े होते हैं, उन्हें भी सुचारु रूप से काम करने में मदद मिलती है. आम तौर पर हर साल हजारों वैकेन्सी के लिए JSSC परीक्षाएं आयोजित करती है. मगर, क्या आपको पता है कि पिछले तीन सालों में JSSC ने कितने पदों पर नियुक्ति की है? नहीं पता है, तो हम आपको बताने जा रहे हैं, आपको जानकर ताज्जुब होगा कि पिछले तीन सालों में JSSC द्वारा प्रदेश में सिर्फ 357 नियुक्तियां हुई है. मतलब कि हर साल जिस संस्था के द्वारा हजारों युवा नौकरी का सपना देखते हैं, वो सिर्फ 357 नियुक्तियां कराती है, वो भी एक साल में नहीं बल्कि तीन साल में.

    बीजेपी विधायक अनंत ओझा ने पूछा था सवाल

    अब सवाल है कि ये आंकड़ा कहां से आया कि JSSC द्वारा मात्र 357 नियुक्तियां ही हुई हैं. तो आपको बता दें कि ये आंकड़ा सरकार ने ही दिया है. दरअसल, झारखंड विधानसभा में विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है. इसी सत्र में भाजपा के विधायक अनंत ओझा ने इस बारे में सरकार से सवाल पूछा. उन्होंने पूछा था कि क्या यह बात सही है कि राज्य में विभिन्न विभागों में स्वीकृत पद की तुलना में सिर्फ 35 फ़ीसदी ही पदाधिकारी और कर्मचारी पदस्थापित हैं, जिससे सभी विभागों के कार्यों में प्रतिकूल असर पड़ रहा है.

    सरकार ने दिया जवाब

    अनंत ओझा के इस सवाल का सरकार ने जवाब दिया. इस जवाब में सरकार ने बताया कि गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा गठित नियुक्ति नियमावली के आधार पर झारखंड वैज्ञानिक प्रतियोगिता परीक्षा 2021 के तहत 58 रिक्त पदों की नियुक्ति के लिए अध्यक्ष विभाग को अनुशंसा भेजी गई है. अब तक 56 कर्मी की नियुक्ति हो चुकी है. वहीं हाईकोर्ट के द्वारा पारित न्यायादेश के तहत रिम्स में एक श्रेणी की परिचारिका के लिए प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित कर 333 पदों पर नियुक्ति के लिए अनुशंसा भेजी गई है. अब तक 301 कर्मियों की नियुक्ति हो चुकी है.

    JSSC और सरकार पर सवाल

    ऐसे में बड़ा सवाल सरकार और JSSC पर है कि जिस राज्य में युवा रोजगार के लिए सड़क पर उतर कर आंदोलन कर रहे हैं, हजारों छात्र जी-तोड़ मेहनत करने के बाद भी रोजगार नहीं ले पा रहे हैं, ऐसी स्थिति में ये आंकड़े क्या खुद सरकार और JSSC को हजम होंगे. ये आंकड़े इन्हें आईना दिखा रहे हैं और साथ ही युवाओं की उम्मीद को तोड़ रहे हैं. अब युवा सोच में हैं कि करे तो क्या करें.   

     


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