गजराज के आतंक से कराह रहा झारखंड,वन विभाग के पास टीम नहीं,27 लोगों की गई जान

    गजराज के आतंक से कराह रहा झारखंड,वन विभाग के पास टीम नहीं,27 लोगों की गई जान

    रांची(RANCHI):   झारखंड में हाथियों का आतंक बढ़ता रहा है. साल 2026 के शुरुआत से अब तक 27 से अधिक लोगों की जान चली गई. जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा हो गया.आखिर हाथी से निबटने में हर बार वन विभाग फेल क्यों हो जाता है.आखिर और कितनी जान जाने के बाद टीम हरकत में आएगी और आगे ऐसी घटना ना हो इसके लिए कोई पहल करेगी.इस खबर में बात हाथी के आतंक की करेंगे और सवाल सिस्टम से पूछेंगे और कितनी मौत के बाद झारखंड में हाथी भगाने की टीम का गठन किया जाएगा और कब हर तरह से वन विभाग मजबूत होगी.

    चाईबास में 22 की गई जान

    सबसे पहले पश्चिमी सिंहभूम की बात कर लेते है. यहां पिछले 10 दिनों में हाथी ने उत्पात मचाया और 22 लोगों को मौत के घाट उतार दिया. मझगांव प्रखंड में हल्दिया के बन्दासाई और तिलोकुटी क्षेत्र  में बीते जनवरी माह में एक सप्ताह जमकर उत्पाद मचाया. जिसमें गाँव के 22 लोगों की जान चली गई. इस घटना में एक ही परिवार के पाँच सदस्य भी मौत के गाल में समा गए. जिसके बाद वन विभाग थोड़ा एक्शन में दिखा.फिर हाथी भगाने की टीम दूसरे राज्य से बुलाई गई और किसी तरह हाथी पर काबू पाने की कोशिश की गई. लेकिन तब तक देर चुकी थी.

    गोमिया में एक साथ तीन की मौत

    अब फरवरी के शुरुआत से फिर बोकारो के गोमिया इलाके में हाथी ने तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया. साथ ही कई लोगों को घायल कर दिया. जिनका ईलाज अस्पताल में किया जा रहा है. बता दे कि बड़की पुन्नू पंचायत के करमाली टोला के करमाली (76 वर्षीय), कमली देवी (65 वर्षीय) और  भंगिया देवी (72 वर्षीय) को हाथी ने कुचलकर मार डाला है. वहीं गांव की ही अनुजा देवी एवं करमी देवी हाथियों के हमले में घायल है. 

    घायलों का रिम्स में ईलाज

    सभी घायल  रांची रिम्स में  भर्ती है. सभी मृतक गोमिया इलाके के रहने वाले है. ग्राउन्ड पर हर कुछ बिखरने जैसा हाल है. गाँव के कई घर ध्वस्त हो गए. यहां वन विभाग और स्थानीय लोगों में बहस भी हुई. स्थानीय लोगों ने सवाल पूछा की आखिर कब और कैसे हाथी पर काबू पाया जाएगा और कब तक ऐसे ही अपनों को खोते रहेंगे.

    रामगढ़ और गढ़वा में भी मौत

    रामगढ़ में भी दो लोगों की जान जा चुकी है. जबकि गढ़वा जिले के चिनीयां  थाना क्षेत्र में  50 वर्षीय गीता देवी को हाथी ने कुचल कर मार डाला है.

    मंत्री ने मुआवजा का किया ऐलान  

    हर होती मौत के बाद भी वन विभाग सोया है. इस पूरे मामले में सूबे के आपदा प्रबंधन सह स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने लोगों के दर्द पर थोड़ा मरहम लगाने का काम किया है. मृतक के परिजन को 4-4 लाख और घायलों को 1-1 लाख मुआवजा देने का ऐलान किया है.      


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