झरिया: राजनीतिक लड़ाई, लोडिंग -ट्रांसपोर्टिंग के लिए चर्चे में रहने वाला शहर अभी 44 करोड़ को लेकर क्यों है चर्चा में, पढ़िए

    झरिया: राजनीतिक लड़ाई, लोडिंग -ट्रांसपोर्टिंग के लिए चर्चे में रहने वाला शहर अभी 44 करोड़ को लेकर क्यों है चर्चा में, पढ़िए

    धनबाद(DHANBAD):  राजनीतिक लड़ाई, कोयले की लोडिंग -ट्रांसपोर्टिंग, इलीगल माइनिंग को लेकर चर्चा में रहने वाली झरिया इस बार 44 करोड़  रुपए की सड़क को लेकर सुर्खियों में है.  44 करोड़ की यह सड़क एक  साल पहले बनवाई गई थी.  बनवाने वाली एजेंसी पथ निर्माण विभाग थी .  लेकिन यह सड़क एक  साल भी दबाव नहीं झेल सकी.  और टुकड़ों -टुकड़ों में धंस  गई, बट गई.  इस सड़क के भविष्य पर ही अब खतरा उत्पन्न हो गया है.  सवाल उठता है कि क्या निर्माण के पहले भूमिगत आग  का आकलन नहीं किया गया था या निर्माण की गुणवत्ता इतनी कमजोर थी कि सड़क धंस  गई. 

    जोरदार आवाज़ के साथ फट गई है सड़क 
     
    झरिया -बलियापुर मुख्य मार्ग लालटेनगंज के समीप सोमवार की सुबह जोरदार आवाज के साथ धंस गई.  दरारें पड़ गई, सड़क कई टुकड़ों में टूट गई.  घटना के बाद तुरंत बीसीसीएल के  कुजामा  प्रबंधन को सूचना दी गई. अधिकारी पहुंचे सड़क को देखा.  जिन स्थानों पर सड़क धंसी  है, वहां  घेराबंदी  करा दी गई है.  फिलहाल बड़े वाहनों के आने पर रोक लगा दी गई है.  अब यह सड़क खतरनाक हो गई  है.  आगे बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है. 
     
    बीसीसीएल मैनेजमेंट कोई गारंटी देने की स्थिति में नहीं है
     
    बीसीसीएल मैनेजमेंट कोई गारंटी देने की स्थिति में नहीं है.  कह रहा है कि पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया है.  वह निरीक्षण करेंगे, तब कुछ कहा जा सकता है.  बताया जाता है कि झरिया- बलियापुर स्टैंड से लेकर बलियापुर चौक तक की 11 किलोमीटर मुख्य सड़क का निर्माण साल 2024 में 44 करोड़ की लागत से कराया गया था.  अभी भी मोहरीबांध ,   लालटेन गंज, दुर्गापुर ,गोलकडीह  आदि स्थानों पर दरारें देखी जा सकती है.  यह अलग बात है कि लालटेन गंज और मोहरीबांध  इलाका अग्नि प्रभावित क्षेत्र है.  आशंका व्यक्त की जा रही है की बरसात के दिनों में पानी  जमीन के अंदर प्रवेश करने से मिट्टी धंसी  होगी? सवाल यहां उठता  है कि निर्माण के पहले क्या सारी बातों का अवलोकन नहीं किया गया? क्या जैसे तैसे डीपीआर बना दी गई और निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया?  

    44 करोड़ की रकम कोई छोटी रकम होती नहीं है

    44 करोड़ की रकम कोई छोटी रकम होती नहीं है.  जिस समय निर्माण कार्य हुआ ,उस समय झरिया की विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह थी.  अभी झरिया की विधायक रागिनी सिंह है.  हो सकता है कि आरोप -प्रत्यारोप का दौर शुरू हो.  सड़क धंसने  को लेकर भी राजनीति की जाए.  लेकिन सवाल उठता है कि 44 करोड रुपए की सड़क अगर एक  साल भी नहीं टिकी ,तो बात निश्चित रूप से कोई गंभीर है.  इसकी तो खोज खबर होनी ही चाहिए.  यह अलग बात है कि 2025 में भारी बरसात के कारण कोलियरी  इलाकों का हाल -बेहाल हो गया है.  जगह-जगह जमीन धंस  रही है.   सड़क के निर्माण पर लोग  सवाल उठा रहे है.  पथ निर्माण विभाग को भी सड़क धंसने  के कारणों  को सार्वजनिक करना चाहिए.  जिससे कि पता चल सके कि  सड़क धसने की असली वजह क्या है?

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो


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