EXCLUSIVE: झरिया का कतरास मोड़ भी आया आग की ज़द में, बड़ा सवाल -क्या मिट जाएगा शहर का अस्तित्व 

    EXCLUSIVE: झरिया का कतरास मोड़ भी आया आग की ज़द में, बड़ा सवाल -क्या मिट जाएगा शहर का अस्तित्व 

    धनबाद(DHANBAD): झरिया शहर पर भूमिगत आग का खतरा बढ़ गया है. झरिया के कतरास मोड़, बिहार टॉकीज, बकरीहाट , पुराना राजा गढ़, अंचल कार्यालय सहित कई सरकारी भवन अब खतरनाक क्षेत्र में आ गए हैं. बीसीसीएल प्रबंधन ने इन सब के संबंध में एक सार्वजनिक सूचना जारी की है.  इस सूचना में इलाके को खतरनाक क्षेत्र बताया गया है. इधर, झरिया पुनर्वास की बैठक के लिए फिर तिथि निर्धारित की गई है. यह बैठक दिल्ली में 7 अक्टूबर को होगी. इसके पहले चार बार बैठकों की तिथि को  स्थगित किया गया है.  यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि झरिया पुनर्वास की अवधि पिछले ही साल खत्म हो गई है. यानी झरिया पुनर्वास की राशि से अब कोई नया काम नहीं हो सकता.  वही काम केवल होंगे जो या  तो हाथ में ले लिए गए है,  या जिनको  शुरू करने की प्रक्रिया आरभ  कर दी गई है.  आपको बता दें कि देश की सबसे बड़ी 7000 करोड़ की यह पुनर्वास योजना है. 

    BCCL ने जारी की सार्वजनिक सूचना 
    इस बीच बीसीसीएल ने एक सूचना जारी कर कहा है कि ईस्ट भगतडीह , शिमलाबहाल कोलियरी  के अंतर्गत इनसाइड  कोलिय री कंपाउंड नंबर चार पीट, बोका पहाड़ी, गोपालीचक  बस्ती नंबर 01, पीट एरिया, खास झरिया, चौथाई कुली, हुसैनाबाद, कतरास मोड़, बिहार टॉकीज, राजबाड़ी एरिया, ऑफिसर कॉलोनी, बिल्ट अप टाइप एरिया सिंह नगर, नंबर चार पीट  एरिया, नंबर 7 पीट एरिया, कोयरी बांध, इंदिरा नगर, भालगोड़ा धसका  पट्टी, तारा बागान, भालगोदा  बस्ती, पोद्दारपाड़ा , काठगोला दो नंबर चणक, हवा चानक ,गाड़ीवान पट्टी, शमशेर नगर के सभी  कंपनी के अतिरिक्त अन्य रहने वाले लोगों को सार्वजनिक सूचना के माध्यम से कहा गया है कि यह क्षेत्र खान सुरक्षा महानिदेशालय , धनबाद ने  पूर्णत अ सुरक्षित बताया है.  

    पहले भी होती रही है अपील 

    यहां कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है ,जिससे जानमाल की क्षति की आशंका है.  सार्वजनिक सूचना में यह भी कहा गया है कि कई बार आप सभी से अपील की गई, समाचार पत्रों से आग्रह किया जा रहा है कि आप सभी अधिक्रमित जमीन से हटकर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं, ताकि भविष्य में जान माल का खतरा ना हो.  झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार, धनबाद के द्वारा लगभग सभी घरों का सर्वे किया जा चुका है.  गैर बीसीसीएल के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास  करने की जिम्मेवारी झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार की है. सूचना में यह भी कहा गया है कि उपरोक्त अ सुरक्षित क्षेत्र में रह रहे लोग अभिलंब सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं, अपील के बावजूद अगर इस क्षेत्र से नहीं लोग हटते हैं और किसी प्रकार की घटना होती है तो उसकी जिम्मेवारी बीसीसीएल प्रबंधन की नहीं होगी. आपको बता दें कि अभी तक झरिया शहर सुरक्षित बताया जा रहा था, शहर के अगल-बगल के इलाकों में भूमिगत आग बढ़ रही थी लेकिन अब तो पूरे शहर को खतरनाक बताया जा रहा है. 


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