सरकार की दो बड़ी कंपनियों में साझेदारी गठजोड़ से कैसे बदलेगी झारखंड के चंद्रपुरा की सूरत, पढ़िए !

    सरकार की दो बड़ी कंपनियों में साझेदारी गठजोड़ से कैसे बदलेगी झारखंड के चंद्रपुरा की सूरत, पढ़िए !

    धनबाद (DHANBAD) : झारखंड के चंद्रपुरा थर्मल पावर प्लांट के दिन अब बहुरेंगे. क्षमता विस्तार के लिए दामोदर वैली कारपोरेशन ने देश की कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड के साथ साझेदारी की है. इसका मकसद झारखंड में 16000 मेगावाट की अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की स्थापना करना है. अब तक की जानकारी के अनुसार इस परियोजना में 16,500 करोड़ का निवेश हो सकता है. अधिकृत जानकारी के अनुसार कोल इंडिया और दामोदर वैली कॉरपोरेशन के बीच 21 अप्रैल को कोलकाता में मेमोरेंडम आफ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर किए गए. 

    नए प्रोजेक्ट के लिए संयुक्त उपक्रम कंपनी में 50-50% दोनों सरकारी उपक्रमों की साझेदारी होगी. इस प्लांट के लिए कोयला की आपूर्ति कोल इंडिया की अनुषंगी इकाइयां बीसीसीएल और सीसीएल से की जाएगी. दोनों कंपनियों की कोयला खदाने इस इलाके के आस पास है. यह अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल पावर प्लांट यानी अत्याधुनिक बिजलीघर ’सुपरक्रिटिकल’ संयंत्र की तुलना में अधिक दक्ष होते हैं और इनमें उत्सर्जन भी कम होता है. अधिकृत सूत्रों के अनुसार  “तापीय बिजली उत्पादन के क्षेत्र में अपने कारोबार को आगे बढ़ाते हुए झारखंड में कोयले से चलने वाले 800-800 मेगावाट की दो इकाई वाला अत्याधुनिक बिजलीघर लगाने के लिए औपचारिक रूप से डीवीसी के साथ गठजोड़ किया गया है. 

    यह परियोजना मौजूदा चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन का विस्तार होगा. इसकी वर्तमान क्षमता 500 मेगावाट की है. इस परियोजना में कुल निवेश 16,500 करोड़ रुपये होगा. संयुक्त उद्यम में दोनों कंपनियों की 50-50 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी होगी. सूत्रों के अनुसार कोल इंडिया ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई सूचना में कहा कि1,600 मेगावाट की विद्युत परियोजना के लिए 50 प्रतिशत इक्विटी शेयरिंग के आधार पर एक संयुक्त उद्यम कंपनी स्थापित होने जा रही है. 

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 


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