झारखंड की यह  महिला नक्सली दिल्ली में कैसे बन गई थी घरेलू सहायक, कैसे हुईअरेस्ट, पढ़िए डिटेल्स में !

    झारखंड की यह  महिला नक्सली दिल्ली में कैसे बन गई थी घरेलू सहायक, कैसे हुईअरेस्ट, पढ़िए डिटेल्स में !

    धनबाद(DHANBAD) : झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ अभियान के बीच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के हाथ एक  बड़ी सफलता लगी है. पुलिस ने 
    घरेलू सहायिका बनकर रहने वाली एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है, जिसका सीधा संबंध झारखंड के नक्सली वारदातों से है. पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गुप्त सूचना के आधार पर दिल्ली के पीतमपुरा इलाके के महाराणा प्रताप एंक्लेव से इस महिला को गिरफ्तार किया है. यह महिला पश्चिम सिंहभूम के सोनुवा थाने में दर्ज मामले में वांछित है. आरोपी महिला पहचान बदलकर घरेलू सहायिका के रूप में काम कर रही थी. पुलिस ने जब जांच पड़ताल की, तो पता चला कि उसने 5 वर्ष तक नक्सली गतिविधियों के लिए प्रशिक्षण भी लिया था.  

    पुलिस अब इसके पूरे नेटवर्क को खंगालने  में जुटी हुई है. जानकारी के अनुसार पूछताछ में उक्त महिला ने बताया कि वह पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुदाबुरु गांव के एक किसान परिवार से है.  गांव के ही एक माओवादी में उसे साथ चलने को कहा था. बदले में बेहतर भोजन, देखभाल और सुरक्षा का वादा किया था. वर्ष 2016 में वह  माओवादी समूह में शामिल हो गई. इसके बाद कुख्यात उग्रवादी जीवन कडुलना की टीम में शामिल हुई. इसके बाद कोल्हान जंगल की पहाड़ियों में 5 वर्ष तक नक्सली प्रशिक्षण लिया था. 

    महिला ने पुलिस को बताया है कि उसे एसएलआर, एलएमजी, हैंड ग्रेनेड, इंसास, 303 राइफल समेत अत्याधुनिक हथियार चलाने का प्रशिक्षण मिला था. गिरोह के साथ वह पैदल मार्च के दौरान इंसास राइफल लेकर चलती थी. 2018 में कोल्हान  में झारखंड पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में भी वह शामिल थी. उसके बाद वह नक्सली कंपनी के कमांडर के निर्देश पर दिल्ली चली आई. 2020 में दिल्ली पहुंचने पर उसने अपनी असली पहचान छुपा कर नोएडा और दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में हाउस क्लीनर के रूप में  काम करना शुरू किया. इसके बाद वह पीतमपुरा इलाके में बस गई. जहां वह अपनी पहचान बदलकर रह रही थी. 

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 


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