रांची(RANCHI): राजधनी रांची में बढ़ते अपराध और हाल की घटनाओं ने पुलिस के इंटेलिजेंस पर सवाल उठा दिया. शहर में आपराधी और बदमाश खुलेआम घटना को अंजाम दे रहे है. सभी घटनाओं में पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है. आखिर पुलिस फेल कैसे हो गई. किसी भी राजधानी की पुलिस हाईटेक होती है जबकि रांची में ऐसा कुछ नहीं दिखता है. यहां तक की रांची के बीचों बीच हत्या हो गई और पुलिस को जानकारी दूसरे जिला की पुलिस के द्वारा मिली तब जांच शुरू हुई.
यह घटना कोई और नहीं बल्कि रांची के लालपुर चौक गाड़ी चढ़ा कर मारने की है. घटना से पहले आधे घंटे बीच सड़क पर मारपीट हुई.युवाओं के दो गुट में खूब लत घुसे चले.इसके बाद एक युवक ने अंकित पर कार चढ़ा दी. और फिर भाग निकला. अंकित के साथी इसे सदर अस्पताल ले कर गए. जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. इस घटना के बाद सूचना अंकित के परिजनों को दी गई.और फिर शव लेकर गढ़वा के लिए निकल गए. तब तक पुलिस को कोई जानकारी नहीं मिली.
जब गढ़वा में अंकित के परिजनों ने गढ़वा थाना में ज़ीरो FIR दर्ज करवाया तब गढ़वा पुलिस ने रांची पुलिस को इसकी सूचना दी. फिर रांची पुलिस ने जांच शुरू की और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.घटना में इस्तेमाल की गई गाड़ी और मोबाईल फोन भी बरामद किया गया है. रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने खुद बताया कि उन्हे घटना की जानकारी गढ़वा पुलिस से मिली है. जिसके बाद कार्रवाई की गई. अब अगर गढ़वा में केस दर्ज नहीं किया गया होता तो शायद अंकित के हत्यारे खुलेआम घूमते रहते.
ऐसे में इस घटना ने यह तो साबित किया की रांची पुलिस का गुप्तचर भी कमजोर है. साथ ही रात के समय अगर कोई बड़ी घटना भी घट जाए तो पुलिस नदारत दिखेगी. रात में पुलिस गायब दिखती है कहीं भी वह सड़क पर नजर नहीं आती है.
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