रांची में रिम्स -2 निर्माण में नया कोण आया हज़ारीबाग का, सियासी गरमाहट के बीच अब आगे क्या, पढ़िए !

    रांची में रिम्स -2 निर्माण में नया कोण आया हज़ारीबाग का, सियासी गरमाहट के बीच अब आगे क्या, पढ़िए !

    धनबाद (DHANBAD) : रांची में रिम्स -2  के लिए चिन्हित जमीन को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है. सियासत में हलचल है. पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर हमलावर है. भाजपा के नेता बाबूलाल मरांडी हो या चंपई सोरेन, सभी कह रहे हैं कि नगड़ी में चिन्हित जमीन पर रिम्स -2 का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा. 24 अगस्त को आंदोलन के दौरान हाउस अरेस्ट होने वाले चंपई सोरेन ने घोषणा कर दी है कि उस जमीन पर रिम्स-2 नहीं बनने दिया जाएगा. उन्होंने घोषणा कर दी है कि इस मामले को लेकर वह जनता दरबार लगाएंगे और जनता का ही फैसला मान्य होगा. नगड़ी  में विवाद के बाद रिम्स-2  को हजारीबाग में बनाने की मांग उठ गई है. हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है.  

    हज़ारीबाग़ में बिना किसी विवाद के प्रोजेक्ट हो सकता है पूरा 

    उनका कहना है कि रांची के बजाय हजारीबाग इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए ज्यादा उपयुक्त है. रिम्स-2 की स्थापना हजारीबाग में  होने से उत्तर पूर्वी झारखंड की आधी आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी. उनका तर्क है कि हजारीबाग में पर्याप्त मात्रा में सरकारी भूमि उपलब्ध है. जिससे इस  प्रोजेक्ट को बिना किसी विवाद के पूरा किया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा है कि जमीन विवाद की वजह से प्रोजेक्ट में अक्सर विलंब होता है. उनका यह भी कहना है कि रिम्स रांची पर बड़ा दबाव है. इसकी वजह यह है कि हजारीबाग और इसके आसपास के इलाकों के मरीज बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए रांची पहुंचते है. हजारीबाग उत्तरी छोटानागपुर का प्रमंडल भी है.   उन्होंने अन्य कई कारण भी बताए है.  

    हजारीबाग जिला मुख्यालय है और यहाँ की कनेक्टिविटी भी बेहतर है 

    कहा है कि हजारीबाग जिला मुख्यालय से राष्ट्रीय राजमार्ग NH-2 और NH -33 सहित कई महत्वपूर्ण सड़क गुजरती है. जिससे यहां की कनेक्टिविटी बेहतर है. पलामू प्रमंडल के मरीजों के लिए भी सुविधा होगी. खैर, इस मामले को लेकर भाजपा के तेवर गर्म है. पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने 24 अगस्त को जमीन पर पहुंचने की घोषणा की थी. इसे बचाने के लिए पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया था. इस बात के बाद वह अधिक नाराज दिख रहे है. वैसे, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि रिम्स -2 चिन्हित जमीन पर ही बनेगा. खैर, रिम्स -2 के विवाद के बीच एक नया कोण हज़ारीबाग़ आ गया है. देखना है इस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन क्या निर्णय लेते हैं??

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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