मंईयां सम्मान योजना के बाद झारखंड की महिलाओं को कैसे हो रही उद्यमी बनाने की तैयारी, क्या है पूरी योजना

    मंईयां सम्मान योजना के बाद झारखंड की महिलाओं को कैसे हो रही उद्यमी बनाने की तैयारी, क्या है पूरी योजना

    धनबाद(DHANBAD) : झारखंड की गरीब -गुरुवा महिलाओं को  उद्यमी बनाने की तैयारी है.  इसकी चर्चा तेज हो गई है.  दरअसल, महिलाओं को फोकस कर योजनाओं को तेज करने की सोच को लेकर सरकार आगे बढ़ रही है.  यह बात भी सच है कि मंईयां  सम्मान योजना लागू करने के बाद महागठबंधन की सरकार बगैर किसी कठिनाई- परेशानी के रिपीट कर गई.  यह  सिर्फ झारखंड में ही   नहीं हुआ , बिहार में भी नीतीश कुमार की सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना लाकर सत्ता में वापसी की.  मतलब बिहार की तरह अब झारखंड सरकार भी इस पर गंभीर हो गई है.  यह  अलग बात है कि झारखंड सरकार को इस योजना को लागू करने के लिए केंद्र का मोहताज होना हो सकता है.  क्योंकि राशि आड़े  आ सकती है.  

    झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर का क्या है डिमांड 

    झारखंड के कांग्रेस कोटे के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने केंद्र से मांग की है कि बिहार की तर्ज पर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत झारखंड की मंईयां  को भी कुटीर उद्योग शुरू करने के लिए ₹10000 की आर्थिक मदद केंद्र सरकार करे.   केंद्र सरकार किसी भी अनुदान की कटौती नहीं करें, केंद्र प्रायोजित योजनाओं की राशि भी समय पर मिले।  दरअसल, झारखंड की  मंईयां  सम्मान योजना की पूरे देश में चर्चा हुई.  झारखंड में सरकार बनने के बाद भी यह योजना चल रही है और महिलाओं को प्रति महीना ढाई हजार रुपए मिल रहे हैं.  जानकारी के अनुसार देश के अन्य राज्यों  में भी महिलाओं के लिए योजनाएं चल रही हैं, लेकिन झारखंड में सर्वाधिक रकम मिल रही है.  इसी के तर्ज पर बिहार में जब पिछले साल चुनाव हो रहा था तो नीतीश कुमार सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को सहायता देनी शुरू की.  इसका लाभ एनडीए को मिला और एनडीए प्रचंड बहुमत के साथ बिहार में लौटा.

    बिहार के मुख्यमंत्री ने अभी हाल ही में क्या कहा था 

    अभी हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि हम लोगों ने राज्य की महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना प्रारंभ की है.  इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है.  जिससे प्रत्येक परिवार की एक महिला उद्यमी के रूप में स्थापित हो सके.  इस योजना के प्रथम चरण में प्रत्येक परिवार की एक महिला को ₹10000 की राशि दी गई थी.  अब तक एक करोड़ 56 लाख लाभुकों के खाते में राशि भेज दी गई है.  उन्होंने यह भी कहा   था कि इस योजना में महिलाओं द्वारा रोजगार शुरू करने के 6 माह बाद आकलन करते हुए आवश्यकता अनुसार ₹200000 तक की अतिरिक्त सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है.  महिलाओं द्वारा उत्पादित वस्तुओं की मार्केटिंग भी सरकार की मदद से की जाएगी।  साथ ही  लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी विभागों के कार्यों से भी जोड़ने की योजना है. 

    बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी बढ़ रही सुगबुगाहट 
     
    मतलब महिला उद्यमियों के उत्पाद को मार्केटिंग करने में बहुत परेशानी नहीं होगी।  इसका लाभ देखते हुए झारखंड में भी अब मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत करने की सुगबुगाहट है.  यह  अलग बात है कि मुख्यमंत्री मं ई यां  सम्मान योजना को झारखंड सरकार अभी भी प्राथमिकता में लेकर चल रही है.  महिलाओं को भुगतान मिले, इसकी निगरानी भी की जा रही है.  खैर, जो भी हो, झारखंड में अभी चुनाव नहीं होने जा रहे  हैं.  यह अलग बात है कि निगम का चुनाव सिर पर है.  फिर भी सरकार महिलाओं को फोकस कर योजनाओं को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में सोच रही है.  बता दें कि झारखंड में मं ई यां  सम्मान योजना की राशि अन्य प्रदेशों से सर्वाधिक है.  इसलिए भी इस योजना की पूरे देश में चर्चा होती रही है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 

     


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