गिरिडीह के पचम्बा में आग का तांडव, मकान व दुकान में लगी आग से जिंदा जल गई मां-बेटी, शहर में पसरा मातम

    गिरिडीह के पचम्बा में आग का तांडव, मकान व दुकान में लगी आग से जिंदा जल गई मां-बेटी, शहर में पसरा मातम

    गिरिडीह(GIRIDIH):गिरिडीह के पचम्बा थाना क्षेत्र के मारवाड़ी मुहल्ला में बीती रात अगलगी की भीषण घटना में जिन्दा जलकर मां और बेटी की दर्दनाक मौत हो गयी है. घटना ने पुरे शहरवासियों को झकझोर कर रख दिया है. घटना मारवाड़ी मुहल्ला में रहने वाले सीताराम डालमिया के ख़ुशी मार्ट नामक कपड़ा दुकान ओर तीन मंजिला मकान में हुई है. जिसका कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है. घटना में जिस माँ ओर बेटी की मौत हुई है उनमें दिनेश डालमिया की पत्नी संगीता डालमिया ओर उनकी पुत्री खुशी डालमिया के रुप में हुई है. इस घटना के बाद परिजनों के चित्कार से पुरा माहौल गमगीम हो गया है.

    तीन मंजिला मकान व दुकान में लगी आग में जिन्दा जली मां – बेटी

    अगलगी की घटना की जानकारी रात के वक्त बारात से लौटने वाले लोगों ने हल्ला कर के स्थानीय लोगों को बताया. इसके बाद काफी संख्या में लोग मौक़े पर रात में ही पहुंचे और दमकल और पचम्बा थाना पुलिस को टीम को सूचना दी. घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस की टीम के साथ फायर ब्रिगेड की टीम ओर स्थानीय लोगों के सहयोग से आग बुझाने ओर घर में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत ओर बचाव का कार्य शुरू कर दिया. करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद घर में फंसे चार लोगों को सुरक्षित बहार निकाला गया, लेकिन घर में माँ ओर बेटी फंस गयी. जिसके बाद लगातार रात से ही पुलिस की टीम के साथ फायर ब्रिगेड की टीम ओर स्थानीय युवकों के द्वारा संगीता डालमिया ओर ख़ुशी डालमिया को निकालने का प्रयास किया गया. लेकिन आग की लपटे इतनी भयावह थी की दोनों की घंटो अंदर फंसे रहने के कारण दर्दनाक मौत हो गयी.

    कोलकाता से परीक्षा देकर लौटी थी घर की बेटी

    मिली जानकारी के अनुसार इस अगलगी की घटना में जिस ख़ुशी डालमिया की मौत हुई है वह एक - दो दिन पूर्व की सीए की परीक्षा देकर कोलकाता से वापस अपने घर आई थी. परीक्षा सम्पन्न होने के बाद पुरे परिवार में खुशियों का माहौल था. कल रात परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठ कर खाना खाये ओर फिर हंसते खेलते हुए सो गए, लेकिन उन्हें क्या पता था की यह रात संगीता डालमिया ओर खुशी डालमिया की अंतिम रात है. इस घटना में जहां लाखों का नुकसान हुआ है, वहीं परिवार ने दो सदस्यों को भी खो दिया है. इस घटना ने पुरे शहर के लोगों को झकझोर कर रख दिया है.

    मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने पीड़ित परिजनों को ढाँधस बंधाया

    इधर घटना की जानकारी मिलने के बाद नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू भी मौक़े पर पहुंचे ओर घटना की जानकारी लेने के बाद पीड़ित परिजनों को ढाँधस बंधाया और घटना पर अपना दुःख व्यक्त किया ओर सरकार से हर सम्भव मदद दिलाने का आश्वासन पीड़ित परिवार को दिया. वहीं मंत्री सुदिव्य सोनू ने फायर विभाग में यंत्रो की कमी को भी एक बड़ा कारण आग बुझाने में हुई देरी को बताया, उन्होंने कहा की सरकार जल्दी फायर ब्रिगेड की टीम को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि राज्य में इस तरह की घटना की पुनरावृति नहीं हो.

    9 घंटे में आग पर पाया गया काबू

    गलगी की इस घटना के बाद पुरा प्रशासनिक महकमा भी घटना स्थल पर पहुंच कर राहत ओर बचाव कार्य में जुट गए. घटना की सूचना मिलने के बाद एसडीएम विस्पुते श्रीकांत, एसडीपीओ जितवाहन उराव, सीओ मो. असलम के अलावे पचम्बा, नगर, मुफ्फसिल, बेंगाबाद समेत आस - पास के कई थानो की पुलिस ओर भारी संख्या में पुलिस की टीम मौक़े पर मौजूद है.इधर घटना के बाद काफी संख्या में स्थानीय लोगों ने आग बुझाने में अपनी सराहनीय भूमिका निभाई ओर प्रशासन के साथ मिलकर आग बुझाने में अपना योगदान दिया. रात से ही करीब 100 से अधिक की संख्या में लोग आग बुझाने में अपनी कडी मशक्कत की. वहीं करीब दमकल की चार गाड़ियों से 20 से 25 गाडी पानी के जरिये आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन करीब 9 घंटे के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका.

    रिपोर्ट-दिनेश कुमार रजक


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