दुष्कर्म कर आदिवासी नाबालिग की हत्या के विरुद्ध उबला दुमका, शहर बंद


दुमका (DUMKA): झारखंड की उपराजधानी दुमका में नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म और उत्पीड़न के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. हालांकि घटना के कुछ समय बाद ही पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफल रही है. लेकिन इसके बाद भी जुर्म के आंकड़े थमने का नाम नहीं ले रहे. इसे देखते हुए विभिन्न आदिवासी संगठनों ने सोमवार को दुमका बंद का आह्वान किया गया है. बंद को सफल बनाने के लिए बंद समर्थक सुबह से ही सड़कों पर उतर गए. फूलो झानो चौक, दुधानी टावर चौक, सहित कई जगहों पर बंद समर्थक सड़कों पर बैठे हुए हैं. ऐसे में लोगों का आवागमन पूरी तरह से ठप है.
बंद समर्थक सवेरे ही सब्जी मंडी पहुंचकर उसे बंद करा दिया. बाजार की तमाम दुकानें अभी तक बंद है. बंद समर्थक जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे है. बंद को देखते हुए जिला प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. चौक चौराहों पर दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है. वैसे तो यह बंद विभिन्न आदिवासी संगठनों ने बुलाया है. लेकिन इस बंद को कई गैर आदिवासी संगठनों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों और मुस्लिम समाज का भी समर्थन मिला है.

बंद समर्थकों की मांग
तमाम आदिवासी संगठन ने आज एक दिन का दुमका बंद और चक्का जाम की घोषणा की है. इसका मुख्य उद्देश नाबालिग पीड़िता को न्याय दिलाना और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलवाना है. सड़क पर बैठे तमाम बंद समर्थक का कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद सरकार ने अब तक पीड़ित परिवार को न तो मुआवजा दिया है और न ही किसी भी घर वाले के लिए नौकरी की घोषणा की है. आदिवासी समाज के लोग सरकार से यही चाहते हैं कि दोषी को जल्द से जल्द फांसी की सजा सुनाई जाए और पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता मिले.
रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका
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