दुमका : छऊ नृत्य और मांदर की थाप के बीच हुआ राजकीय जनजाति हिजला मेले का उद्घाटन, जानिए कार्यक्रम में क्या रहा खास !

    दुमका : छऊ नृत्य और मांदर की थाप के बीच हुआ राजकीय जनजाति हिजला मेले का उद्घाटन, जानिए कार्यक्रम में क्या रहा खास !

    दुमका (DUMKA) : दुमका के हिजला मैदान में राजकीय जनजाति हिजला मेला का उद्घाटन इस बार भी हिजला गांव के ग्राम प्रधान ने किया. इसी के साथ 3 मार्च तक चलने वाले प्रकृति के मनोरम दृश्य के बीच संताल परगना का गौरवपूर्ण सांस्कृतिक और ऐतिहासिक राजकीय जनजातीय हिजला मेला महोत्सव शुरु हो गया. मेला के उद्घाटन के मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही. 24 फरबरी से 03 मार्च तक चलने वाला राजकीय जनजातीय हिजला महोत्सव की शुरुवात मयूराक्षी नदी किनारे आदिवासी महिलाओं की नृत्य और संगीत के माध्यम से लोगों ने यहां की लोकसंस्कृति और लोकगीत को काफी करीब से महसूस किया.

    सरकारी विभागों की प्रदर्शनी

    इस मौके पर हिजला गांव के ग्राम प्रधान, दुमका के उपायुक्त रविशंकर शुक्ला के साथ -साथ प्रशासन के कई आलाधिकारी जिला परिषद अध्यक्ष की उपस्थिति में फीता काट कर शुभारंभ किया गया. हिजला मेले में इस बार परंपरा को कायम रखते हुए आधुनिकता के भी समावेश का प्रयास किया गया है. यहां तमाम सरकारी विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई है तो वहीं लोगों के मनोरंजन का भी खासा ख्याल रखा गया है. किसी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये है. संथाल परगना के जनजातीय समुदायों से सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से 1890 में शुरू हुआ. यह मेला मनोरंजन और हाटबाजार के साथ एकता और सद्भाव का भी प्रतीक है. आठ दिनों तक यह अपने पूरे शबाव पर होता है. जिसमें आदिवासी समाज कृषि से लेकर सरकार द्वरा चलाये जा रहे योजनाओं को जिला प्रशासन द्वारा समझाया जाता है. जिसका लाभ आदिवासी समाज को मिल सके.

    रिपोर्ट : पंचम झा, दुमका


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