दुमका: 14 वर्ष की किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद राजनीति तेज, आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू

    दुमका: 14 वर्ष की किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद राजनीति तेज, आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू

    दुमका(DUMKA): दुमका जिला के रामगढ़ थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने का एक मामला कल प्रकाश में आया था. 14 वर्ष की किशोरी के साथ दरिंदों ने सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था. घटना 14 जनवरी की रात की बताई जा रही है, जब किशोरी सोहराय पर्व मना कर घर लौट रही थी. घटना की जानकारी पुलिस प्रशासन से लेकर आम लोगों को तब मिली, जब परिजन पीड़िता की तबीयत बिगड़ता देख कल उसे लेकर रामगढ़ थाना पहुंचे. पीड़िता की गंभीर स्थिति देख कल शाम ही पुलिस प्रशासन ने उसे इलाज के लिए फूलोझानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पीड़िता का इलाज चल रहा है. इस बीच मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता का बयान लिया गया. जिला प्रशासन की ओर से सहायता राशि के रूप में ₹100000 का चेक भी दिया गया. सूत्रों की मानें तो 7 दरिंदों ने मिलकर घटना को अंजाम दिया था जिसमें अभी तक 5 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है जिसमें कुछ किशोर भी शामिल है. फरार दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी है.

    राजनीतिक बयानबाजी तेज

    इस सबके बीच घटना को लेकर एक बार फिर जिले का राजनीतिक पारा चढ़ने लगा है. पीड़िता से फूलोझानो अस्पताल में मिलने सांसद सुनील सोरेन, पूर्व मंत्री लुइस मरांडी और जामा विधायक सीता सोरेन पहुंचीं. पीड़िता से मिलकर घटना की जानकारी ली. स्वास्थ्य बिभाग से बेहतर चिकित्सा सुविधा देने की बात कही. सभी ने घटना की निंदा की और घटना को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया.

    सांसद सुनील सोरेन ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दुमका में इस तरह की घटना लगातार घट रही है. यहां शासन और प्रशासन का खौफ अपराधियों के बीच नहीं है. सरकार यहां की महिलाओं को सुरक्षा देने में पूरी तरह से विफल साबित हो रही है. इस तरह की घटना महिला सुरक्षा के मामले में सरकार की विफलता को उजागर कर रही है.

    “सरकार महिला सुरक्षा के मामले में पूरी तरह विफल साबित हो रही है”

    वहीं पूर्व मंत्री लुईस मरांडी ने घटना पर अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि जिस परिस्थिति से बच्ची गुजरी है उससे वह काफी डरी हुई है. संथाल परगना में लगातार महिला अत्याचार की घटना घट रही है जो थमने का नाम नहीं ले रहा है. आखिर क्या वजह है कि प्रशासन का ख़ौफ़ वैसे लोगों के बीच नहीं हो पा रहा है. सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है. अगर यही स्थिति रही तो आने वाले समय में बहू-बेटियां घर से बाहर नहीं निकल पाएगी. सरकार महिला सुरक्षा के मामले में पूरी तरह विफल साबित हो रही है.

    सीता सोरेन ने समाज और परवरिश को ठहराया दोषी

    वहीं जामा विधायक सीता सोरेन ने घटना को शर्मनाक करार देते हुए सरकार का बचाव किया. उन्होंने कहा कि एक सांसद होकर कैसे सरकार को दोष दे रहे हैं, यह समझ से परे है. सीता सोरेन इसके लिए समाज और परवरिश को दोषी करार दे रही हैं. उन्होंने कहा कि समाज को सुधरने की जरूरत है, नहीं तो इसी तरह की घटनाएं होती रहेंगी. माता पिता को अपने बच्चों को शिक्षा देनी चाहिए. कानून अपना काम करेगी. इसमें सरकार का कोई दोष नहीं है क्योंकि अपराध करने वाले सलाखों के पीछे पहुंच रहे हैं. किसी को छोड़ा नहीं जा रहा है. इस मामले में भी अब तक 5 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. फरार 2 लोगों की भी जल्द गिरफ्तारी होगी और सजा भी होगी.

    मानवता को शर्मसार करने वाली एक किशोरी के साथ गैंगरेप की घटना पर राजनीतिक बयान बाजी कहीं से भी उचित नहीं कहा जा सकता है. जरूरत है सभी को आत्ममंथन करने की. आम लोगों को जागरूक करने की पर अंकुश लग पाएगा.

    रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका  


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