दीपावली और काली पूजा :जश्न में डूबा रहा धनबाद, रौशनी से नहाता रहा शहर


धनबाद(DHANBAD): कोरोना के बाद धनबाद इस वर्ष उत्साह और उमंग के साथ त्यौहार मना रहा है. महापर्व की भी तैयारी शुरू है. कोरोना के कहर से अब धीरे-धीरे लोग उबरने लगे हैं, हालांकि अभी भी कुछ परिवार ऐसे हैं, जिनकी आंखों के आंसू नहीं सूखे है. बावजूद जीवन की गतिशीलता तो बनाये रखनी होती है. दिवाली पर धनबाद शहर जगमग रोशनी से नहाया हुआ था. कृत्रिम लाइटिंग से शहर चमक रहा था. घर-घर मां, लक्ष्मी पूजी गई. समृद्धि को सहेजने के लिए भगवान गणेश की भी आराधना की गई. धनबाद जिला बंगाल से प्रभावित होने के कारण यहां बांग्ला परंपरा का भी गहरा प्रभाव है. एक ओर लक्ष्मी- गणेश की पूजा की गई तो दूसरी ओर बंगाली समाज ने महाकाली की पूजा अर्चना की.
धनबाद में बंगाल का भी दिखता है प्रभाव
रविवार को अमावस्या की तिथि पर आधी रात को महाकाली का आह्वान किया गया. शहर के कई जगहों पर पूजा पंडाल बनाए गए है. दिवाली के एक दिन बाद गोवर्धन पूजा मनाया जाता है, लेकिन इस बार तिथि में बदलाव के कारण यह एक दिन बाद 14 नवंबर को मानेगा. इसी तरह चित्रगुप्त पूजा भी 14 नवंबर को ही होगा. दिवाली के दिन शहर पटाखों की आवाज़ से गुंजता रहा. देर रात या कहे सुबह तक पटाखे की आवाज आती रही. इस बार पटाखों की भी खूब बिक्री हुई.
पटाखा की आवाज़ से गुजता रहा शहर
प्रशासन ने चिन्हित जगह पर पटाखे की बिक्री की अनुमति दी थी, बावजूद छोटे-छोटे दुकानदार जहां -तहाँ पटाखे की बिक्री की. दिवाली के दिन टुंडी के कोल्हार मोड में पटाखा दुकान में आग लग गई थी. संयोग अच्छा था कि बड़ा हादसा टल गया. धनबाद के बारामुड़ी में भी दिवाली की रात एक डेकोरेटर के गोदाम में आग लग गई. वहां भारी नुकसान होने की खबर है. वैसे, धनतेरस के दिन भी इस बार धनबाद का बाजार गुलजार था. सोना -चांदी से लेकर गाड़ी तक की खूब बिक्री हुई. फ्लैटों की भी जबरदस्त बुकिंग हुई है. बाजार भी इसके लिए तैयारी कर रखा था. दिवाली के लिए भी भरपूर तैयारी की गई था. लोगों ने भी इसका खूब आनंद उठाया. जगह-जगह पुलिस की घेराबंदी भी थी. चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था. फिलहाल धनबाद अपराधियों के निशाने पर है, इसलिए भी पुलिस भी चौकस थी.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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