ट्रैफिक समस्या से मिलती बड़ी राहत, अगर ऐसा धरातल पर हो जाए- जानिये बाधा कहां


धनबाद(DHANBAD): धनबाद का एक बड़ा दुर्भाग्य है कि यहां घोषणाएं होती है कि होगा, किया जाएगा लेकिन यह "गा" शब्द धनबाद की योजनाओं को आगे नहीं बढ़ने देता है .यानी योजनाएं तो बनाई जाती हैं लेकिन उसे अमलीजामा पहनाना अधिकारी भूल जाते हैं. कई मामलों में तो वैसे है,जिनके लिए पैसे पड़े हुए हैं लेकिन काम नहीं होते. धनबाद शहर से बस डिपो को शिफ्ट करने की योजना भी एक ऐसी ही पहल है, जो घोषणा के बाद भुला दी गई है. योजना 5 साल पुरानी है लेकिन अभी तक जमीन का अधिग्रहण नहीं हुआ है. यह योजना कहां जाकर अटकी है, इसका जवाब किसी के पास नहीं है. पंडुकी में अत्याधुनिक बस डिपो बनाने की योजना नगर निगम ने बनाई थी. योजना के मुताबिक शहर का बस स्टैंड शिफ्ट करना था. इससे फायदा यह होता की शहर पर गाड़ियों का लोड कम होता. अधिकतर गाड़ियां बाहर ही बाहर बस टर्मिनल पर पहुंच जाती और ट्रैफिक समस्या से करा रहे धनबाद शहर को बड़ी राहत मिलती. लेकिन योजना ही अभी ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है और घोषणाओं का खेल जारी है.
रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह, धनबाद
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