"पानी माफिया" की शरण में धनबाद की  झरिया -पढ़िए कैसे चूस रहे झरिया का खून

    "पानी माफिया" की शरण में धनबाद की  झरिया -पढ़िए कैसे चूस रहे झरिया का खून

    धनबाद(DHANBAD): झरिया में अब पानी माफिया !! चौकिये नहीं -पानी के धंधे में माफियागिरी शुरू है. सहायक बने हुए है माडा -निगम के कर्मचारी.  माफिया की करतूत भी कम अचंभित करने वाली नहीं है. इनकी सांठगांठ   जामडोबा  पंप के अधिकारी- कर्मचारियों के साथ है.  इनकी बदौलत  वह रोज 20 से ₹50000 कमा रहे है.  लाचार जनता आखिर क्या करें,पेट काट कर , घर के अन्य खर्च को रोककर पानी की खरीद कर रही है.  ऐसी बात नहीं है कि पानी संकट से अधिकारी, कर्मचारी या जनप्रतिनिधि अनभिज्ञ है, बावजूद झरिया के लोग पानी के लिए तस्करों की शरण में है. सच में कहा जाता है कि  यह कोल् फील्ड  है.  यहां के लोगों का अपना मिजाज है.  जीविकोपार्जन का भी कुछ अलग -अलग ही तरकीब है. 

    पानी संकट झेल रही झरिया की जनता क्या करे 
     
    धनबाद की झरिया एक तरफ पानी संकट से जूझ रही है, तो दूसरी ओर पानी की खुलेआम चोरी और तस्करी की जा रही है. झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सह सचिव शमशेर आलम ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है.  उन्होंने सवाल किया है कि एक तरफ माडा  और निगम लोगों से कह रहे हैं- कि भारी बारिश के कारण दामोदर नदी का जलस्तर बढ़ जाने के कारण मोटर डूब गए है.  जिस वजह से पानी की सप्लाई बाधित है.  जबकि झरिया इलाके में सैकड़ो वाहनों में एक हज़ार  से 2000 लीटर  की टंकी लगाकर पानी की अवैध सप्लाई की जा रही है.  इस छोटे-बड़े वाहनों में पानी सप्लाई की पूरी व्यवस्था है.  एक टंकी पानी 1000 से लेकर ₹2000 में जरूरतमंद के हिसाब से बेचा  जा रहा है. वैसे, तो बहुत पहले एक बार सूचना आई थी कि धनबाद की  भूली में कुएं में एक साथ 10-5 मोटर डालकर पानी निकाला जाता है और फिर पानी की बिक्री की जाती है.  अभी तक तो बहँगी  से अथवा टैंकर से डिमांड पर पानी की सप्लाई करते लोग सुने थे ,लेकिन झरिया के लोग इस व्यवस्था में पानी खरीद रहे है. इसका अब जाकर खुलासा हुआ है.  

    कांग्रेस नेता शमशेर आलम  ने उठाया है सवाल 

    शमशेर आलम ने कहा है कि उन्हें पता चला है कि माडा  एवं  निगम के अधिकारी और कर्मचारियों की  मिली भगत से जमा डोबा पंप हाउस से सैकड़ो वाहन  पानी भरते हैं और फिर उसी पानी को बूंद- बूंद पानी को तरसती जनता के बीच बेच  देते है. जनता भी क्या करें, मजबूरी में उसे पानी खरीदना पड़ रहा है.  शमशेर आलम ने  सवाल किया है कि जब सप्लाई करने वाले पंप पानी में डूबे हुए हैं, तो फिर वाहनों में पानी कहां से भरा जा रहा है.   बता दें कि झरिया में पानी तस्करी करने वाला एक गैंग तैयार हो गया है.  यह  गैंग सप्लाई बाधित होने पर पानी की तस्करी करता है. शमशेर आलम ने मांग की है कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कराये और दोषी अधिकारी- कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करे.  उन्होंने आरोप लगाया है कि अधिकारी और कर्मचारी जनता को कष्ट में डालकर अपना उल्लू सीधा कर रहे है. उन्होंने यह भी कहा है कि अगर जांच पड़ताल नहीं हुई तो सड़क पर झरिया की जनता के साथ वह उतरेंगे और ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को प्रशासन को बाध्य  कर देंगे. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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