DHANBAD: सड़क साफ करने वाली swiping मशीन खुद कचड़ा बनने की राह पर,जनता के टैक्स के पैसे का यह हाल?


धनबाद(DHANBAD): दुर्गा पूजा बीत गया, साफ सफाई के कई त्यौहार सामने है. 12 नवंबर को दीपावली है. उसके पहले धनतेरस होगा. फिर महा पर्व छठ किया जाएगा. यह सब त्यौहार साफ सफाई के माने जाते हैं. लेकिन धनबाद की सड़कों को इन त्योहारों के मौके पर भी स्विपिंग मशीन के दर्शन नहीं होंगे.
स्विपिंग मशीन कई महीनो से धूल फांक रही
नगर निगम ने ढाई करोड रुपए की लागत से मशीन तो खरीद ली लेकिन इसके चलाने में खर्च का जुगाड़ नहीं कर पा रहा है. नगर निगम को हर माह लगभग 30 लख रुपए ईंधन पर खर्च होते हैं. बिना किसी भविष्य की योजना बनाएं आमदनी होगा कि नहीं, मशीन खरीदने का परिणाम यह है कि यह मशीन कई महीनो से धूल फांक रही है. अगर यह सफेद हाथी बन जाए तो कोई आश्चर्य नहीं. निगम में खरीदी गई पांच मशीनों में से तीन मशीन बीते कुछ महीनो से खड़ी हैं .बताया जाता है की मशीन चलाने का करार खत्म होने की वजह से उनके मेंटेनेंस करने वाली कंपनी ने काम बंद कर दिया है.
ढाई करोड रुपए खर्च कर पांच रोड swiping मशीन खरीदी गई
2019 में नगर निगम ने ढाई करोड रुपए खर्च कर पांच रोड swiping मशीन खरीदी थी. जिनमें तीन बड़ी और दो छोटी मशीन शामिल है. एजेंसी के साथ नगर निगम का एग्रीमेंट था कि 3 साल तक काम करेगी. करार खत्म होते ही कंपनी ने गाड़ी चलाना बंद कर दिया. पिछले दो महीना से यह मशीन हीरापुर पार्क में खड़ी है. निगम ने पिछले महीने मशीन के मेंटेनेंस के लिए रि टेंडर निकला था, लेकिन बिना किसी कारण बताएं पूर्व नगर आयुक्त ने उसे रद्द कर दिया. अब एजेंसी नहीं मिलने से गाड़ी खड़ी है. जनता के टैक्स के पैसे से खरीदी गई मशीन को चलाने के लिए अब तक ठोस पहल नहीं की जा रही है. सड़क साफ करने वाली मशीन खुद कचड़ा बनने की हालत में पहुंच गई है.
वेंडिंग जोन के रास्ते को मुख्य सड़क से जोड़ा जाएगा :नगर आयुक्त
इधर, वेंडिंग जोन का भी उदाहरण सामने है. नए नगर आयुक्त ने कोर्ट कैंपस के पीछे बने वेंडिंग जोन इलाके का बुधवार को निरीक्षण किया .उन्होंने दुकानदारों को आश्वासन दिया कि वेंडिंग जोन के रास्ते को मुख्य सड़क से जोड़ा जाएगा. अलॉटमेंट के बाद भी दुकानदार वेंडिंग जोन तो पहुंचे लेकिन खरीदार नहीं होने के कारण अपनी पुरानी जगह पर लौट गए. कई प्रयास किए गए लेकिन वेंडिंग जोन में बाजार जम नहीं रहा है .निगम को चाहिए कि जिन दुकानों के आगे फिलहाल काफी भीड़ रहती है, जो दुकान नाम कमा चुके हैं, उनको वहां शिफ्ट कराया जाए. अगर रणधीर वर्मा चौक से तिवारी होटल जाने के रास्ते की बात की जाए तो कई प्रसिद्ध दुकानों के कारण सड़क जाम रहती है. बड़ी-बड़ी गाड़ियां वहां खड़ी की जाती है. ऐसे कुछ चुनिंदा दुकानदारों को अगर निगम कोई व्यवस्था कर वेंडिंग जोन में शिफ्ट करा दे तो बाजार खुद व खुद जाम जाएगा. और सड़क जाम से भी लोगों को रियायत मिल जाएगी.
सड़क के दोनों किनारे वाहनों की कतार से जाम की होती है समस्या
वैसे भी धनबाद की सड़क रात में तो चौड़ी हो जाती है लेकिन दिन में इतनी सकरी हो जाती है कि लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. सड़क के दोनों किनारे वाहनों की कतार लग जाती है .जहां तहां गाड़ी खड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई थी लेकिन वह जमीन पर कहीं दिख नहीं रही है. अभी त्यौहार का सीजन है. भीड का समय है. ऐसे में धनबाद की सड़कों पर चलना अभी हिमालय पर चढ़ने के समान हो गया है.
रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो
4+