DHANBAD: बन्दर के 'भूत' का कमाल देखिये ,ऐसे दिला रहा वन विभाग को सजा


धनबाद(DHANBAD): धनबाद में एक बंदर जब तक जीवित था, वन विभाग की सेवा लेता रहा. लेकिन मरने के बाद इसका भूत वन विभाग के पीछे हाथ धोकर पड़ा हुआ है. प्रभारी वनपाल को तो यह भूत निलंबित करा दिया है, अभी आगे कुछ और करानेवाला है. ऐसा ,हम इसलिए कह रहे हैं कि गुरुवार को दफनाए गए बंदर को जमीन से बाहर निकाला गया. उसका पोस्टमार्टम किया गया, बिसरा प्रिजर्ब किया गया, जिसे जांच के लिए बाहर भेजा जाएगा. इस जांच से ही मौत के असली कारणों का पता चलेगा.
बिसरा रिपोर्ट से ही खुलेगा राज
लेकिन रिपोर्ट आने के पहले ही बंदर की मौत के कारणों को लेकर हंगामा मचा हुआ है. गुरुवार को पोस्टमार्टम करने के बाद उसके बिसरा को प्रिजर्व रखा गया है. अगर पीट और हाथ तोड़ कर बंदर को मारने की रिपोर्ट में पुष्टि हुई तो औरों पर भी गाज गिरना तय है. यह बंदर तो था सामान्य ही लेकिन मरने के बाद ख़ास हो गया है. जब तक जीवित था तब तक बहुत ध्यान से उसकी देखभाल नहीं की गई. . अब मरने के बाद वन विभाग की नींद उड़ा रखा है. 30 सितंबर को शहर के सत्यम नगर के लोगों ने वन विभाग को एक बंदर सौंपा था. बंदर को सुरक्षित रखने की जिम्मेवारी प्रभारी वनपाल को दी गई थी. अचानक पहली अक्टूबर को प्रभारी बन पाल ने विभाग को सूचित किया कि बंदर की मौत केज (पिंजरे) के अंदर हो गई है.
मारने के पहले हाथ भी तोड़े जाने का आरोप
आ श्चर्यजनक बात थी कि बंदर को मारने के पहले उसके हाथ भी तोड़े गए थे. इस घटना के बाद पशु प्रेमी विचलित हो गए. इसकी शिकायत ऊपर तक की गई. प्रभारी वनपाल को शोकॉज किया गया लेकिन उनके जवाब से असंतुष्ट होकर विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया. इस मौत ने काफी तूल पकड़ा. पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से शिकायत की गई. कई लोगों ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी कार्रवाई की मांग की. काफी दबाव के बाद वन विभाग ने गुरुवार को दफन किए गए बंदर को जमीन से बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम कराया.
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