धनबाद पुलिस ने केस डिस्पोजल में झारखंड में बनाया नया रिकॉर्ड लेकिन आगे चुनौतियां भी क्यों कम नहीं !!


धनबाद(DHANBAD) | धनबाद कोयलांचल में Coal -Criminals -Politics का मजबूत कॉकटेल है. इसके उदहारण एक नहीं सैकड़ो है. धनबाद में इसका खुलेआम प्रदर्शन होता है. कोयला क्षेत्र होने के कारण यहां के अपराध के प्रकार भी अलग-अलग होते है. नेताओं पर भी अपराधियों के पोषक होने के आरोप लगते रहे है. डे लाइट में बड़ी -बड़ी हत्याएं होती रही है. कोलियरी क्षेत्र में मजदूरों के रहने के लिए बनाए गए धौडे में बाहर के अपराधियों के शरण लेने की भी बात होती रही है. खुलेआम अवैध हथियार लहराए जाते है. इस वजह से यहां अपराध की संख्या भी अधिक होती है और उसके प्रकार भी अलग-अलग होते है. धनबाद के अपराधी बाहर जाकर भी अपराध करते हैं और बाहर के अपराधी धनबाद में आकर भी शरण लेते है.
अभी हाल ही में बिहार के अपराधी की झरिया में हुई थी हत्या
अभी हाल ही में झरिया में छपरा के प्रेम यादव की हत्या इसका उदाहरण है.हालांकि धनबाद पुलिस ने आरोपियों को बाहर के राज्यों से धर लाई. संगठित अपराध यहां के लिए बड़ी परेशानी बन गई है. रंगदारी वसूली कारोबार बन गया है. कोयल पर "कब्जे" के लिए यहां खून -खराबा और कत्ल होते रहते है. मुकदमों की संख्या भी अधिक होती है. इधर, धनबाद पुलिस की उपलब्धि का एक आंकड़ा सामने आया है. आंकड़े के मुताबिक साल 2025 में धनबाद पुलिस झारखंड में अपनी कार्य कुशलता की बदौलत अव्वल आई है. पूरे झारखंड में धनबाद को पहला स्थान मिला है. यह स्थान मुकदमों के डिस्पोजल को लेकर मिला है. आंकड़े के मुताबिक साल 2025 में कुल 6408 कांड दर्ज किए गए थे, जबकि इसी साल कुल 899 2 का निष्पादन किया गया है.
1 जनवरी 2026 तक लंबित कांडों की संख्या घटकर 2132 रह गई
जारी आंकड़े के मुताबिक 1 जनवरी 2025 तक जिले में 4716 कांड लंबित थे. पुलिस की कार्रवाई केबाद 1 जनवरी 2026 तक लंबित कांडों की संख्या घटकर 2132 रह गई. यह बात सच है कि धनबाद पुलिस की इस उपलब्धि को झारखंड स्तर पर एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जाएगा. इस वजह से अन्य जिलों पर भी दबाव बढ़ेगा. इधर, न्यायालय से संबंधित मामलों के शीघ्र एवं प्रभावी निष्पादन को लेकर जिला पुलिस ने अपनी सक्रियता तेज कर दी है. समीक्षा बैठक के दौरान कोर्ट के नोडल पुलिस पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि जिन मामलों में गवाही निश्चित है, उनमें गवाहों को तिथि, स्थान एवं संबंधित जानकारी समय रहते उपलब्ध कराया जाए, जिससे गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित हो और मामलों के शीघ्र निपटारे में मदद मिले.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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