DHANBAD!कभी था  "औद्योगिक हब" ,आज पांच हज़ार भी इन्वेस्ट करने से उद्योगपति करते है परहेज ,जानिए वजह 

    DHANBAD!कभी था  "औद्योगिक हब" ,आज पांच हज़ार भी इन्वेस्ट करने से उद्योगपति करते है परहेज ,जानिए वजह 

    धनबाद(DHANBAD): धनबाद का गोविंदपुर, निरसा और चिरकुंडा एक समय था, जब इन इलाकों को "औद्योगिक हब" की ख्याति  मिली हुई थी.  यहां हार्ड कोक उद्योग चलते थे, रिफ्रैक्टरी  की चिमनी धुआं उगलती थी, ट्रांसफार्मर उद्योग भी था लेकिन आज  रिफ्रैक्टरी और  ट्रांसफार्मर उद्योग तो खत्म हो गए है. हार्ड कोक उद्योग   जो चल भी रहे हैं, वह  चल कम लेकिन हाफ अधिक रहे है.  नए उद्योग तो खुल नहीं रहे हैं, नेशनल हाईवे के अगल-बगल होटल और ढाबे तक नहीं खुल रहे है.  नतीजा है कि हाईवे बनने के बाद भी इन क्षेत्रों का विकास कम , विनाश अधिक हुआ.  ट्रैफिक जाम की समस्या ऐसी है कि अगर आपको धनबाद से चिरकुंडा जाना हो तो हाथ में चार -पांच  घंटे का समय लेकर ही निकले. 

    कब कहा कोई अटक जाए, यह कोई नहीं जनता 
     
    आप कब गोविंदपुर में फंस जाएंगे, कब निरसा में अटक जाएंगे, चिरकुंडा पहुंचने में सुबह से शाम हो जाएगी, रात तक भी पहुंच पाएंगे कि नहीं ,यह कहना बहुत ही कठिन है. चलिए गोविंदपुर से चिरकुंडा की ओर बढ़ते है. गोविंदपुर थाने के ठीक सामने हर 10-12 मिनट पर आपको वाहनों की लंबी कतार मिलेंगी.  गोविंदपुर बाजार में ट्रैफिक भगवान भरोसे है. ट्रैफिक जाम ने गोविंदपुर इलाके का विकास तो रोक दिया है, साथ ही साथ आगे के क्षेत्रों को भी प्रभावित किया है.  गोविंदपुर से ही आपकी त्राहिमाम यात्रा शुरू हो जाएगी, गोविंदपुर से बढ़कर आप अगर निरसा  पहुंच भी गए तो वहां जाम देखकर आप माथा पीट लेंगे. घंटो -घंटो जाम में फंसे रहना यहां के लोगों की नियति बन गई है. 

    सड़क जाम है कि पीछा करना छोड़ता ही नहीं 

     निरसा से जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते जाएंगे, जाम  आपका पीछा करता जाएगा.  इस जाम का नतीजा यह हुआ है कि उन इलाकों में विकास की रफ्तार थम  थम गई है.  गोविंदपुर से निरसा की ओर जाने वाली नेशनल हाईवे पर न कोई होटल, रिसोर्ट ,खुल रहे हैं और ना ही कोई उद्योग लग रहे है.  उद्योगपतियों का कहना है कि अब यह इलाका व्यवसाय करने लायक नहीं रह गया है. वही गोविंदपुर के ऊपर बाजार से राजगंज की ओर जाने वाली नेशनल हाईवे पर  लगातार नए उद्योग खुल रहे है. शोरूम खुल रहे है.  इस नेशनल हाईवे पर हाल के दिनों में कई होटल,  वाहनों के शोरूम भी खुले.  गोविंदपुर से लेकर निरसा की ओर जाने वाली सड़क ट्रैफिक समस्या को लेकर उद्योगपति उधर देखना भी पसंद नहीं करते.  वह लोग भी चाहते हैं कि बरवाअड्डा - राजगंज रोड पर ही उद्योग- धंधे चलाए जाए. गोविंदपुर का हाल तो यह है कि 400 करोड़ की लागत से बरवाअड्डा  किसान चौक से लेकर बंगाल के बराकर तक सड़क को सिक्स लेन किया जा रहा है.  लेकिन इस सिक्स लेन में गोविंदपुर शामिल नहीं है. 

    गोविंदपुर में सड़क चौड़ी नहीं होगी 

    स्थानीय लोगों के विरोध की वजह से गोविंदपुर में सड़क चौड़ीकरण नहीं होगा.  यहां प्रस्तावित फ्लाईओवर की योजना भी रद्दी की टोकरी में चली गई है. गोविंदपुर- निरसा बाजार में सड़क सिक्स लेन भी नहीं होगी, एनएचआई को चौड़ीकरण के लिए जमीन नहीं मिली. एक समय ऐसा था, जब गोविंदपुर से चिरकुंडा जाने वाली सड़क उद्योगों के लिए पहली पसंद  थी. लेकिन आज लोग इस सड़क को नापसंद कर रहे है. इस सड़क पर ईसीएल की कोलियरिया  हैं और बीसीसीएल की भी. कोयला चोरी को लेकर भी निरसा इलाका बदनाम रहा है. ट्रैफिक समस्या का कोई समाधान आखिर क्यों नहीं निकलता है. अगर नहीं निकला तो इलाके को उजाड़ बनने में देर नहीं लगेगी. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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