Dhanbad: जेल में बंद किसी परिचित या रिश्तेदार से बात करने के लिए अब जेल गेट जाने की क्यों नहीं होगी जरुरत ,पढ़िए

धनबाद(DHANBAD): अगर आपका कोई परिचित या रिश्तेदार जेल में बंद है, तो उनसे मुलाकात करने के लिए आपको जेल गेट आने की जरूरत नहीं. ऑनलाइन मुलाकात कर सकते है , बातचीत कर सकते है. अपने मुकदमे की अद्यतन स्थिति के विषय में भी पूरी जानकारी आप ऑनलाइन प्राप्त कर सकते है. बुधवार को धनबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार तिवारी ने सिविल कोर्ट धनबाद में ई सेवा केंद्र का उद्घाटन किया.
इस मौके पर उन्होंने बताया कि व्यवहार न्यायालय, धनबाद में बने ई-सेवा केंद्र (ई-एसके) के माध्यम से आमजन मामले की स्थिति, सुनवाई की अगली तारीख और अन्य विवरण के बारे में जानकारी, प्रमाण-पत्र की प्रतियां और अन्य फाइलिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा ,याचिकाओं की हार्डकॉपी स्कैन करने से लेकर ई-फाइलिंग की सुविधा ,ई-हस्ताक्षर जोड़ना, उन्हें सीआईएस में अपलोड करना और फाइलिंग नंबर तैयार करना तक कर सकते है.
ई-स्टाम्प पेपर/ई-भुगतान की ऑनलाइन खरीद में सहायता करना, आधार आधारित डिजिटल हस्ताक्षर के लिए आवेदन करने और प्राप्त करने में सहायता करना , एंड्रॉइड और आई.ओ.एस के लिए ई-कोर्ट्स के मोबाइल ऐप को डाउनलोड करने में प्रचार और सहायता करना, जेल में बंद रिश्तेदारों से मुलाकात के लिए ई-मुलाकात अपॉइंटमेंट की बुकिंग में सुविधा प्रदान करना, छुट्टी पर गए न्यायाधीशों के बारे में जानकारी ,विशेष न्यायालय के स्थान, उसकी वाद-सूची तथा मामला सुनवाई के लिए लिया गया है या नहीं, इन सब के बारे में जानकारी ले सकते है.
इतना ही नहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति और सर्वोच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति से निःशुल्क कानूनी सेवाएं प्राप्त करने के बारे में लोगों को मार्गदर्शन , वर्चुअल न्यायालयों में ट्रैफिक चालान के निपटान की सुविधा प्रदान तथा ट्रैफिक चालान और अन्य छोटे अपराधों के ऑनलाइन निपटारे की सुविधा प्रदान , ई-कोर्ट परियोजना के अंतर्गत डिजिटल रूप से उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में अन्य सभी प्रश्न और सहायता, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कोर्ट सुनवाई की व्यवस्था और संचालन की विधि की जानकारी , न्यायिक आदेशों/निर्णयों की सॉफ्ट कॉपी ईमेल, व्हाट्सएप या किसी अन्य उपलब्ध माध्यमों से उपलब्ध कराई जाएगी.
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