झारखंड सरकार ने धनबाद के मेयर के पद को "जादुई कुर्सी" बनाकर बढ़ाया कई दमदार लोगों का टेंशन, जानिए अब क्या बना आरक्षण रोस्टर 

    झारखंड सरकार ने धनबाद के मेयर के पद को "जादुई कुर्सी" बनाकर बढ़ाया कई दमदार लोगों का टेंशन, जानिए अब क्या बना आरक्षण रोस्टर 

    धनबाद(DHANBAD): झारखंड सरकार ने धनबाद के मेयर सीट को "जादुई कुर्सी "बना दिया है. धनबाद के मेयर पद के लिए तीसरी बार आरक्षण बदल गया है. पहली बार 2021 में धनबाद सीट ओबीसी के लिए आरक्षित किया गया था. फिर 2022 में महिलाओं के लिए रिजर्व किया गया. नए निर्णय में धनबाद के मेयर सेट को एससी के लिए रिजर्व कर दिया गया है. इस रिजर्वेशन की घोषणा के साथ ही धनबाद में मेयर का सपना देख रहे कई लोगों को जोर का झटका धीरे से लगा है. धनबाद के कई दिग्गज नेताओं को बड़ा झटका माना जा सकता है.

    नगर निगम का चुनाव फिर होने की संभावना

    कई लोग धनबाद में मेयर का चुनाव लड़ने के लिए सपना पाले हुए थे .लेकिन अब यह शेड्यूल कास्ट के लिए रिजर्व कर दिया गया है. 20 जून 2019 को धनबाद नगर निगम का कार्यकाल समाप्त हो गया है. हाई कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम का चुनाव फिर होने की संभावना प्रबल हुई है. धनबाद से मेयर सीट के लिए दावेदारों की लंबी सूची है .इसमें सबसे पहला नाम पूर्व मेयर शेखर अग्रवाल का लिया जाता है. लेकिन सरकार के ताजा निर्णय के बाद वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. इसी तरह विधायक ढुल्लू महतो की पत्नी सावित्री देवी भी मेयर चुनाव के लिए दावेदार थी. उनके लिए भी अब यह संभव नहीं होगा. पहली मेयर इंदु देवी ने भी चुनाव लड़ने की घोषणा कुछ दिन पहले की थी. लेकिन सीट आरक्षित होने पर वह भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगी.टुंडी विधायक मथुरा महतो के बेटे दिनेश महतो भी रेस में थे लेकिन उनके लिए भी अब संभव नहीं है. इसी तरह आजसू जिला अध्यक्ष मंटू महतो का भी नाम शामिल था, लेकिन इनको भी झारखंड सरकार के निर्णय ने निराश कर दिया है.पूर्व वियाडा अध्यक्ष विजय झा भी चुनाव की तैयारी में थे.उन्हें भी झटका लगा है.

    धनबाद का मेयर पद शेड्यूल कास्ट के लिए रिजर्व

    यह बात अलग है कि मेयर पद का चुनाव झारखंड में दलीय आधार पर नहीं होता है. लेकिन प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से राजनीतिक पार्टियां इसमें एक्टिव रहती हैं. अब शेड्यूल कास्ट उम्मीदवार की खोज पार्टियां करेंगी. भले ही सीधे तौर पर नहीं लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से पार्टियां उम्मीदवारों को समर्थन देंगी. धनबाद का मेयर पद शेड्यूल कास्ट के लिए रिजर्व होने का असर लोकसभा और विधानसभा चुनाव पर भी पड़ेगा. लोकसभा और विधानसभा चुनाव में अब उम्मीदवारों की संख्या बढ़ जाएगी. जो लोग सीटिंग विधायक हैं उन पर भी दबाव रहेगा.

     रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 


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