Dhanbad : अरविंद जायसवाल के अपहरण के संदिग्ध मामले में कैसे कड़ी से कड़ी जोड़ रही पुलिस, पढ़िए डिटेल्स में 

    Dhanbad : अरविंद जायसवाल के अपहरण के संदिग्ध मामले में कैसे कड़ी से कड़ी जोड़ रही पुलिस, पढ़िए डिटेल्स में 

    धनबाद(DHANBAD) : क्या धनबाद के लॉटरी विक्रेता अरविंद जायसवाल ने अपहरण की झूठी कहानी बनाई थी? क्या परिवार वालों को परेशान करने के लिए उसने जानबूझकर ऐसा किया था? वह पुलिस के पूछताछ में बार-बार बयान क्यों बदल रहा है? यह सब ऐसे सवाल हैं, जिनकी कड़ियां पुलिस जोड़ रही है. हालांकि पुलिस मानकर यह चल रही है कि मामला पूरी तरह से संदिग्ध है. शनिवार की दोपहर से लेकर देर रात तक पुलिस अधिकारी परेशान रहे. अपहरण की सूचना के बाद पुलिस अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए थे. ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही थी. देर रात को अरविंद केजरीवाल खुद अपनी स्कूटी से विनोद बिहारी महतो चौक के पास पंहुचा. पुलिस वहां से उसे थाना ले गई.  हालांकि पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था. 

    पुलिस भी मान रही कि मामला संदेहास्पद है 
     
    पुलिस सूत्रों पर भरोसा करें तो अपहरण की कोई घटना नहीं हुई थी. अरविंद जायसवाल ने अपने बेटे से रुपया लेने के लिए यह सब  कुचक्र  रचा था. सूत्रों के अनुसार अपहरण की सूचना मिलने के बाद पुलिस रेस हो गई थी. अरविंद जायसवाल के पुत्र ने बताया था कि पिता के मोबाइल से उससे 20 लाख  रुपए रंगदारी मांगी जा रही है. पुलिस ने उक्त मोबाइल को सर्विलांस पर लिया, तो पता चला कि उक्त मोबाइल से कुछ-कुछ अंतराल के बाद लगातार फोन किये  जा रहे है. फोन का लोकेशन भी बदल रहा है. पुलिस लोकेशन के आधार पर काम कर रही थी. लेकिन फोन करने के बाद अरविंद जायसवाल का मोबाइल ऑफ हो जा रहा था. जब भी मोबाइल ऑन होता था, तो किसी को फोन किया जाता था और उसका लोकेशन बदल जाता था. 

    खुद स्कूटी से विनोद बिहारी चौक पंहुचा था अरविंद जायसवाल
     
    शायद अरविंद जायसवाल को पता चल गया था कि पुलिस उसे तलाश रही है. उसके बाद वह विनोद बिहारी महतो चौक पंहुचा. उसके बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर पूछताछ  शुरू की. पुलिस की शंका इसलिए भी बढ़ गई कि शनिवार की रात वापस लौटकर अरविंद जायसवाल ने बताया था कि सिटी सेंटर के पास से उसे स्कूटी में ही किडनैप कर लिया गया था. मेमको मोड़ के पास चेहरा टोपी से अपहरण करने वालो ने ढक दिया था. इसके बाद उसे अलग-अलग जगह पर ले जाया गया. जबकि सूत्रों के अनुसार दोबारा पूछताछ हुई तो वह कहने लगा कि बरवाअड्डा के पास से उसका अपहरण हुआ था. इसके अलावा कई झूठ सामने आने की भी बात चर्चा में है. अब देखना है कि अंत में पुलिस किस निष्कर्ष पर पहुंचती है. लेकिन इतना तो तय है कि अपहरण की घटना पूरी तरह से संदेहास्पद  है. 

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 


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