धनबाद: बसेरिया रेल फाटक के समीप जोरदार आवाज के साथ धसी जमीन, तेजी से होने लगा गैस रिसाव, लोगों में दहशत

    धनबाद: बसेरिया रेल फाटक के समीप जोरदार आवाज के साथ धसी जमीन, तेजी से होने लगा गैस रिसाव, लोगों में दहशत

    धनबाद(DHANBAD):  गोंदूडीह में जब तीन महिलाएं जीवित दफ़न हो गई थी तो खूब हो हल्ला हुआ था. शनिवार को धनबाद के बसेरिया  में फिर गोफ  बना. बसेरिया  रेल फाटक के समीप दुर्गा मंदिर के नजदीक बड़े आकार का गोफ  बना है.  यह गोफ आज दोपहर के लगभग 11. 30 बजे बना. इसके बाद तेजी से जमीन से गैस का रिसाव होने लगा. घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी मच गई.  विधायक राज सिन्हा  को लोगों ने सूचना दी.  विधायक राज सिन्हा  घटनास्थल पर पहुंचे और बीसीसीएल के सीएमडी  को घटना की जानकारी दी.  वीडियो कॉल पर घटनास्थल की वास्तविक स्थिति को बताया.  

    संयोग अच्छा था कि कोई हताहत नहीं हुआ

     यह तो संयोग  अच्छा था कि कोई हताहत नहीं हुआ है.  लेकिन अगर जल्द से जल्द ट्रेंच कटिंग अथवा कोई दूसरे उपाय नहीं किए गए तो बड़ी घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है.  सबसे बड़ी बात यह है कि गोफ  से महज 100 फीट की दूरी पर डीसी रेल लाइन है.  यह  डीसी रेल लाइन को 2017  में भूमिगत आग  का हवाला देकर बंद कर दिया गया था  लेकिन 2019 के चुनाव के पहले यह  डीसी लाइन फिर से चालू की गई.   कई महत्वपूर्ण ट्रेनें   इस लाइन से होकर गुजरती है.  घटनास्थल के अगल-बगल कई आवासीय परिसर है.  अगर उन्हें तत्काल कहीं दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया गया तो बड़ी घटना घट सकती है.  धनबाद कोयलांचल का  अग्नि प्रभावित इलाका लगातार खतरनाक बनता जा रहा है. 

    1995 से ही खतरनाख संकेत दे रही है भूमिगत आग  

    भूमिगत  यह आग 1995 से ही संकेत दे रही है कि अब उसकी अनदेखी खतरनाक होगी. 1995 में झरिया चौथाई कुल्ही में पानी भरने जाने के दौरान युवती जमींदोज हो गई थी. 24 मई 2017 को इंदिरा चौक के पास बबलू खान और उसका बेटा रहीम जमीन में समा गए थे. इस घटना ने भी रांची से लेकर दिल्ली तक शोर मचाया ,लेकिन परिणाम निकला शून्य बटा सन्नाटा. 2006 में शिमलाबहाल में खाना खा रही  महिला जमीन में समा गई थी. 2020 में इंडस्ट्रीज कोलियरी में शौच के लिए जा रही महिला जमींदोज हो गई थी. फिर इधर  28 जुलाई 2023 को घनुड़ीह का रहने वाला परमेश्वर चौहान गोफ में चला गया .पहले तो बीसीसीएल प्रबंधन घटना से इंकार करता रहा लेकिन जब मांस जलने की दुर्गंध बाहर आने लगी तो झरिया सीओ की पहल पर NDRF की टीम को बुलाया गया.  टीम ने कड़ी मेहनत कर 210 डिग्री तापमान के बीच से परमेश्वर चौहान के शव का अवशेष निकाला. शायद यह धनबाद कोयलांचल में गोफ में गिरे या समाए लोगों के शव का अवशेष निकालने का पहला मामला था. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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