Dhanbad gas lekage: कहां से हवा में फ़ैल रही जहरीली गैस, क्यों दो मौतों के बाद स्वास्थ विभाग अलर्ट मोड पर
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धनबाद(DHANBAD): धनबाद के केंदुआडीह में गैस रिसाव की घटना ने एक और जान ले ली है. दो की अब तक मौत होने की जानकारी मिल रही है. केंदुआडीह से धनबाद बैंक मोड की दूरी अधिक नहीं है. इसलिए लोग भी भयभीत है. बीसीसीएल के अधिकृत सूत्रों का कहना है कि 15 वर्षों से बंद पड़ी कोलियरी में गैस जमा थी, जो जमीन फाड़ कर बाहर निकल रही है. लगभग 400 फीट के दायरे में गैस का प्रभाव महसूस किया जा रहा है. सभी को घर खाली करने और सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की जा रही है. बीसीसीएल दो जगह पर टेंट लगाकर आपातकालीन आश्रय तैयार किया है.
बता दें कि बंद पड़ी भूमिगत केंदुआडीह कोलियरी के 13 और 14 नंबर सिम से पिछले दो दिनों से गैस रिसाव हो रहा है. गैस का असर केंदुआडी के राजपूत बस्ती, मस्जिद मोहल्ला ,ऑफिसर्स कॉलोनी सहित अन्य आबादी वाले इलाकों में देखा जा रहा है. लगातार गैस रिसाव से लोगों की परेशानी बढ़ रही है. दुर्गंध भी आ रही है. बुधवार की देर शाम प्रियंका देवी की मौत हुई थी, वहीं गुरुवार को ललिता देवी ने भी दम तोड़ दिया. क्षेत्र में एक दर्जन बच्चे महिलाएं बीमार है. हालांकि दोनों महिलाओं की मौत गैस से हुई है या किसी अन्य कारणों से ,इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा.
इलाके के लोगों को घटना आक्रोशित कर दिया है. लोगों ने सड़क जाम कर दी है. पूर्व मेयर शेखर अग्रवाल का कहना है कि इस घटना पर तत्काल काबू पाया जाना चाहिए. धनबाद में तकनीकी संस्थान भी उपलब्ध हैं, तुरंत इस पर काबू पाने के उपाय ढूंढने चाहिए. संभावना व्यक्त की जा रही है कि कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का रिसाव हो रहा है. सूत्र बताते हैं कि बुधवार को मल्टी गैस डिटेकटर से की गई जांच में पता चला है कि 50 पीपीएम से अधिक गैस की मात्रा रिकॉर्ड की गई है. जानकार बताते हैं कि 50 पीपीएम कार्बन मोनोऑक्साइड खतरनाक होती है. जिससे जहरीली गैस भी कहा जा सकता है. कुसुंडा क्षेत्र में कई जगहों पर छिद्र कर गैस निकल रही है. यह अलग बात है कि जहां से गैस निकल रही है, वह डेंजर जोन घोषित है. जानकार सूत्रों के अनुसार कार्बन मोनोऑक्साइड के रूप में गैस निकल रही है.
यह गैस बिषाक्त तब होती है, जब खून में कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर बढ़ जाता है. जब हवा में कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा बहुत अधिक हो जाती है, तो कार्बन मोनोऑक्साइड लाल रक्त कोशिकाओं में ऑक्सीजन की जगह ले लेती है. जिससे खतरा हो सकता है. कार्बन मोनोऑक्साइड एक ऐसी गैस है, जिसका कोई गंध, स्वाद या रंग नहीं होता. यह गैसोलीन, लकड़ी,कोयला या चारकोल जैसे इंधनों के जलने से उत्पन्न होती है. कार्बन मोनोऑक्साइड के संपर्क में आने वाले किसी भी व्यक्ति को तुरंत ताजी हवा में जाना चाहिए और तुरंत डॉक्टरी सलाह लेना चाहिए. सर दर्द, कमजोरी, चक्कर आना, उल्टी होना, सांस लेने में कठिनाई, धुंधली दृष्टि आदि इसके प्रभाव के लक्षण बताए जाते है. बीसीसीएल और स्वास्थ विभाग की टीम अलर्ट मोड पर है. घटना स्थल के पास मेडिकल टीम की तैनाती की गई है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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