पूछता है धनबाद -मंत्री जी ओपीडी कब शुरू करेंगे, यहां तो दवा मिलती नहीं, जंगली जानवर का होता है बसेरा

    पूछता है धनबाद -मंत्री जी ओपीडी कब शुरू करेंगे, यहां तो दवा मिलती नहीं, जंगली जानवर का होता है बसेरा

    धनबाद(DHANBAD): झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया एक्स  पर पोस्ट किया है कि  आज मैं रिम्स के ओपीडी में बैठा. यह पोस्ट लगभग 24 घंटे पहले किया गया है. आगे लिखा  है कि  मरीजों  का इलाज किया और पूरी व्यवस्था को जमीन पर परखा.  झारखंड की  स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने के लिए मैंने आज से खुद ओपीडी में बैठकर इलाज शुरू किया है.  यह  सिर्फ शुरुआत है, यह   मिशन  अब हर जिले में चलाऊंगा, मैं आज जनता को यह संदेश दिया है कि मंत्री पहले डॉक्टर हैं, इसलिए रिम्स में ओपीडी लगाकर सैकड़ो मरीजों का उपचार किया और उनकी हर समस्या सुनी.  मेरा संकल्प साफ है- मैं खुद जिले में ओपीडी में बैठूंगा, व्यवस्था को मजबूत करूंगा और जहां कमी मिलेगी, वहां जाकर उसे सुधारूंगा, आज रिम्स की ओपीडी में बैठकर मरीजों का इलाज करना सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था में जनता का विश्वास लौटाने  की दिशा में मेरा पहला बड़ा कदम है.  इस पोस्ट में उन्होंने राहुल गांधी, हेमंत सोरेन सहित अन्य को भी टैग  किया है. 

    धनबाद के SNMMCH में  ओपीडी शुरू करने कब आइयेगा?
     
    स्वास्थ्य मंत्री से धनबाद का अब सवाल है कि धनबाद के SNMMCH में  ओपीडी शुरू करने कब आइयेगा.  यहां के  लोगों की पीड़ा कब सुनियेगा.  दरअसल, अस्पताल की सारी व्यवस्थाएं भगवान भरोसे है.  सुरक्षा का आलम तो यह है कि अस्पताल परिसर में सियार प्रवेश कर जा रहे है.  मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मरीज को निशुल्क दवा  नहीं मिल रही है.  अस्पताल में एक माह से भी अधिक समय से सर्दी, खांसी और बुखार की दवा नहीं है.  बच्चों को दिए जाने वाला सिरप भी खत्म हो गया है.  फिलहाल के आंकड़े बता रहे हैं की मेडिसिन विभाग के ओपीडी में सीजनल बीमारियों के 400 से अधिक मरीज रोज पहुंच रहे है.  उनमें से आधे मरीज  सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित होते है.  शिशु रोग विभाग के ओपीडी में भी इन बीमारियों से पीड़ित 100 से अधिक बच्चे रोज आ रहे है.   

    मंत्री जी -डॉक्टर दवा तो लिखते है लेकिन अस्पताल में मिलती  नहीं है 

    इनमें से अधिकतर को सर्दी रहने पर डॉक्टर दवा लेने की सलाह तो देते हैं, लेकिन दवा अस्पताल के  दवा केंद्र में उपलब्ध नहीं होता.  अस्पताल प्रबंधन कहता है   कि दवा  की खरीदारी के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है.  संभावना है कि  जल्द  प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और सभी जरूरी दवाएं अस्पताल में उपलब्ध होगी.  खैर, यह तो हुई दवा की बात, सुरक्षा की बात की जाए, तो उसकी हालत तो और भी बुरी है.  जंगली जानवर अब अस्पताल में प्रवेश कर जा रहे है.  सोमवार की आधी रात को एक सियार घुसकर अस्पताल के इमरजेंसी स्थित सर्जिकल आईसीयू में बैठ गया था.  उस समय वहां भर्ती अधिकतर मरीज सो रहे थे. एक कर्मचारी ने सियार को घुसते हुए देख लिया ,फिर उसे किसी तरह बाहर  निकाला  गया. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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