धनबाद : शैवाल और जलकुंभी रोक रखे हैं झरिया में पानी की आपूर्ति, जानिए कैसे


धनबाद(DHANBAD): ठंड के मौसम में वैसे भी लोग पानी की कम खपत करते हैं, पानी कम पीते भी है. लेकिन इसके लिए आपको बाध्य किया जाए तो क्या कहेंगे. झरिया के 6 लाख लोग खुद की मर्जी से ऐसा नहीं करेंगे बल्कि ऐसा करने के लिए उन्हें बाध्य किया जा रहा है. झरिया के कम से कम 6 लाख लोगों को बाधित जलापूर्ति से अभी छुटकारा मिलने की कोई संभावना नहीं दिख रही है. जब तक ठंड का मौसम रहेगा, लोगों को आंशिक जलापूर्ति ही मिलेगी. जामाडोबा जल संयंत्र के पास दामोदर नदी में शैवाल और जलकुंभी काफी आ गए है. इससे जलापूर्ति प्रभावित हो रही है.
दामोदर का जलस्तर भी कम हो गया है
फिलहाल दामोदर का जलस्तर भी कम हो गया है. नदी से रॉ वाटर उठाने वाली लाइन को शैवाल और जलकुंभी जाम कर देते है. सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक ही सफाई हो पाती है. रात में कोई मजदूर सुरक्षा के ख्याल से उतरना नहीं चाहता, इस वजह से काम प्रभावित होता है. इस वजह से जल भंडारण का कार्य पर्याप्त नहीं हो पा रहा है. अधिकारी की मानें तो ठंड के दिनों में प्रत्येक साल यही स्थिति रहती है.
कर्मी रात को नदी में उतरना नहीं चाहते
कर्मी रात को नदी में उतरना नहीं चाहते, खतरा भी रहता है. अब सवाल उठता है कि अगर हर साल जलकुंभी जलापूर्ति बाधित करती है तो क्या इस जमाने में भी उनका कोई स्थाई समाधान नहीं है या विभाग परमानेंट इंतजाम करना नहीं चाहता. अगर 6 लाख लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिलता है तो इसके लिए आवाज कौन उठाएगा, झरिया के लोगों की सहनशीलता की भी दाद देनी होगी कि आंशिक जलापूर्ति के बाद भी चुप है. विभाग को क्या यह नहीं मालूम है कि झरिया में जलापूर्ति की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है, सारे लोग जल आपूर्ति सिस्टम पर ही आश्रित है.
रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह, धनबाद
4+