गढ़वा में हिरन शिकार का भंडाफोड़, वन विभाग ने बरामद किए ताज़ा सींग, 8 शिकारियों पर केस दर्ज


गढ़वा (GARHWA): झारखंड के गढ़वा जिले में वन्यजीव शिकार का एक गंभीर मामला सामने आया है. रमना थाना क्षेत्र के विशुनपुरा प्रखंड अंतर्गत सारो पातों सुरक्षित वन क्षेत्र में हिरन के अवैध शिकार का खुलासा हुआ है. वन विभाग को गुप्त सूचना मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए शिकारियों की करतूत उजागर की गई.
सूचना के आधार पर वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. टीम जब मौके पर पहुंची और जांच की गई, तो यह पुष्टि हुई कि हिरन प्रजाति के कोटरा का अवैध शिकार किया गया है. छापेमारी के दौरान चतरगुन यादव के घर से हिरन के ताज़ा सींग बरामद किए गए, जिन पर मांस के अवशेष भी लगे हुए थे. वन विभाग की टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं. इस मामले में वन्य प्राणी (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.
प्रभारी वनपाल ध्रुव कुमार ने बताया कि सारो गांव के जंगल में हिरन के शिकार की सूचना मिली थी. डीएफओ के निर्देश पर गठित टीम ने छापेमारी कर अवैध रूप से छिपाकर रखे गए हिरन के सींग बरामद किए. इस मामले में शिकार में शामिल आठ लोगों की पहचान कर ली गई है. सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. घटना के बाद से आरोपी अपने घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं.
रिपोर्ट: धर्मेंद्र कुमार
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