चिराग तले अंधेरा ! नगर निगम कार्यालय के ठीक पीछे स्लम एरिया में रह रहे लोगों को सरकारी सुविधा मिलने का इंतजार

    चिराग तले अंधेरा ! नगर निगम कार्यालय के ठीक पीछे स्लम एरिया में रह रहे लोगों को सरकारी सुविधा मिलने का इंतजार

    देवघर (DEOGHAR) : स्लम एरिया में रह रहे लोगों के उत्थान के लिए कई तरह की योजनायें है. जिनका क्रियान्वयन करने से उस स्लम एरिया के लोगों का विकास हो सकता है. राज्य और केंद्र सरकार के कई योजना घरातल पर उतरी है. लेकिन ये योजनाएं देवघर में जिला प्रशासन और नगर निगम के कार्यालय का शोभा बढ़ा रही है. ऐसे में झारखंड गठन के बाद भी देवघर शहर के बीचो बीच रह रहे. 50 से 60 मेस्तर लोग आज तक प्रशासनिक उदासीनता का शिकार बने हुए हैं.

    डेढ़ दशक से अधिक समय से रहने को मजबूर

    15 वर्षो से भी अधिक सड़क किनारे टूटी फूटी झोपड़ी में रह रहे और लोगों का कचड़ा साफ करने के अलावा बांस की टोकरी बीन अपना और अपने परिवार का लालन-पालन कर रहे है. ये लोग देवघर नगर निगम कार्यालय के ठीक पीछे हृदला कुंड मुहल्ला के रहते है. झारखंड गठन के बाद से इनकी सूध लेने वाला कोई नहीं है. जबकी इन लोगों के उत्थान के लिए कई योजनाये है. लेकिन इसका लाभ इन लोगों तक अभी तक नही पहुंच पाया है. करीब 60 घर ऐसे हे जो पिछले डेढ़ दसक से ज्यादा समय से इसी तरह रहने पर मजबूर हैं. न तो इनके पास रहने का व्यापक छत है और न ही अपना परिवार चलाने के लिए कोई सरकारी सहायता इनको मिली है. इतना ही नहीं इनके बच्चों को शिक्षित करने के लिए कोई पहल भी नहीं किया गया है. ऐसे में यहा रहने वाले मेस्तर लोग सरकार से हरसंभव मदद करने की मांग कर रहे हैं. सरकार के पास कई ऐसी योजनायें है जिसके फलस्वरुप इनके रहने के लिए घर, रोजगार के लिए ऋण इत्यादि उपलब्ध कराया जा सकता है. ठंडा,गर्मी,बरसात जैसे समय मे भी ये लोग टूटे फूटे कच्चा घर में रहने को मजबूर हैं. सरकार की उदासीनता देख अब ये लोग अपने हक और मूलभूत सुविधा देने की मांग को लेकर उग्र आंदोलन करने का मूड बना रहे हैं.

    निगम या जिला प्रशासन कौन है जिम्मेवार

    इन वस्तियों  के विकास के लिए नगर निगम जिम्मेवार है और वहां सरकारी योजना का लाभ देने के लिए जिला प्रशासन जिम्मेवार है. बावजूद इसके किसी ने इन लोगों की सुध तक नहीं ली बल्कि इन लोगों के उत्थान के लिए एक दूसरे को जिम्मेवार ठहराया जा रहा है. बहरहाल, अब नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा जल्द ही सारी योजनाओं का लाभ उन लोगों को देने की बात कही जा रही है.

    सरकार का दावा

    इन लोगों को शहर विकास के लिए मीना बाजार से हटा कर कहीं कहीं शिफ्ट करा दिया गया. मीना बाजार के पास ही हरिजन टोला में कई लोगों को आशियाना तो मिला लेकिन बाकी बचे लोगों को सरकार ने अब तक कोई मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं करायी. ऐसे में अपने हक के लिए इन लोगों का आंदोलन करने से पहले इन लोगों को सरकारी सुविधा मुहैया कराने का दावा करने वाली नगर निगम और जिला प्रशासन कितना हद तक सफल रहता है यह देखने लायक होगा.

    रिपोर्ट : रितुराज सिन्हा, देवघर


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