धनबाद मेयर सीट अनारक्षित करने का विरोध,दलित संगठनों का हल्ला


धनबाद(DHANBAD):अनुसूचित जाति के समाज के लोगों ने धनबाद के सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता कर धनबाद मेयर सीट अनारक्षित किये जाने का विरोध किया है.दलित संगठनों ने एकजुट होकर 22 जनवरी 2026 को रणधीर वर्मा चौक पर महाधरना और दलित अधिकार रैली का आयोजन करने की घोषणा की है.धनबाद के समाजसेवी शांतनु चंद्रा उर्फ बबलू पासवान ने बताया कि उन्होंने नवंबर 2025 में झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी. याचिका में कहा गया है कि 2011 की जनगणना के अनुसार धनबाद में अनुसूचित जाति की आबादी लगभग दो लाख है, ऐसे में मेयर का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होना चाहिए था, लेकिन राज्य सरकार ने इसे अनारक्षित कर दिया.
मांगें नहीं मानी गई, तो वे और भी उग्र आंदोलन करेंगे
इस विषय पर शांतनु चंद्रा ने इसे समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताया.प्रेस वार्ता में दलित संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करेंगे और 22 जनवरी को होने वाले महाधरना में शामिल होंगे.उन्होंने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ धनबाद के दलित समाज के लिए नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के दलित समाज के लिए है.दलित संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई, तो वे और भी उग्र आंदोलन करेंगे उन्होंने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए किसी भी हद तक जा सकते है.
22 जनवरी को होने वाले महाधरना में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे
दलित संगठनों का कहना है कि वे अपनी मांगों पर अड़े हुए है और 22 जनवरी को होने वाले महाधरना में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे.उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई, तो वे पूरे झारखंड में आंदोलन करेंगे.इस मामले में उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है, और अगली सुनवाई 25 जनवरी को होनी है.दलित संगठनों का कहना है कि वे उच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान करेंगे, लेकिन अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आंदोलन करेंगे.
रिपोर्ट-नीरज कुमार
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