कृषकों के लिए वरदान के रूप में साबित होगा फसल राहत योजना, 10 दिन में जुडेंगे 1 लाख किसान


गुमला (GUMLA): गुमला में फसल राहत योजना के तहत अगले 10 दिनों में जिले के सभी कृषक इस योजना से शत प्रतिशत जुड़े और योजना का लाभ ले सकें, इसके लिए उपायुक्त ने सभी संबंधित प्रखंड, जिलास्तरीय पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया. कहा कि प्रत्येक प्रखंड के पदाधिकारी और कर्मी अपने-अपने स्तर से प्रचार प्रसार कर अधिक से कृषकों का ऑनलाइन निबंधन करवाना सुनिश्चित करें. प्रत्येक दिन के अंत में अंचलाधिकारी की ओर से मॉनिटर कर प्रतिदिन के अद्यतनीकरण की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया. उन्होंने कहा कि फसल राहत योजना कृषकों के लिए वरदान के रूप में साबित होगा, सभी सरकारी और गैर सरकारी व्यक्ति जन जागरूकता कर इस योजना से किसानों को जोड़ कर उन्हें एक महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करें. अगले 10 दिनों के अंदर कम से कम 1 लाख किसानों को इस योजना से जोड़ कर योजना से लाभान्वित करवाना है. इसके लिए सभी पदाधिकारी तथा कर्मी युद्धस्तर पर आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य को पूरा करेंगे. इस योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले अंचल अधिकारियों, प्रखंड स्तर के अधिकारियों और कर्मियों को जिला और प्रखंड स्तर पर पुरस्कृत कर सम्मानित किया जाएगा.
पीपीटी के माध्यम से दिया गया प्रशिक्षण
बैठक के पश्चात सभी जिला और प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों और कर्मियों को योजना से संबंधित तकनीकी कार्यों के विषय में पीपीटी के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया. बता दें कि झारखंड राज्य फसल राहत योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा 30 से 50 प्रतिशत तक फसल की क्षति होने पर किसानों को प्रति एकड़ तीन हजार रुपये (अधिकतम 15 हजार रुपये) और 50 प्रतिशत से अधिक तक फसल की क्षति होने पर प्रति एकड़ चार हजार रुपये (अधिकतम 20 हजार रुपये) की सहायता राशि प्रदान की जाएगी. जिसके लिए किसान अपने नजदीकी प्रज्ञा केंद्र में जाकर 40 रुपए की न्यूनतम शुल्क से निबंधन करवा कर इस योजना का लाभ ले सकते है. यह योजना पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जगह सार्वजनिक धन को सुरक्षित रखने और किसानों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है. सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के तहत किसानों के बैंक खाते में दी जायेगी।इस योजना में राज्य में उत्पादित होनेवाले प्रमुख खरीफ फसल धान और मक्का एवं रबी फसल गेहूं, सरसों, चना और आलू को शामिल किया गया है.
रिपोर्ट: सुशील कुमार सिंह, गुमला
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