Congress: किस जिला अध्यक्ष की "कुर्सी" बचेगी, किसकी जाएगी, अगले महीने हो जाएगा तय, "पैराशूट" नेताओं की क्यों बढ़ी परेशानी, पढ़िए !

     Congress: किस जिला अध्यक्ष की "कुर्सी" बचेगी, किसकी जाएगी, अगले महीने हो जाएगा तय, "पैराशूट" नेताओं की क्यों बढ़ी परेशानी, पढ़िए !

    धनबाद (DHANBAD) : झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के राजू मंगलवार को रांची पहुंचे. झारखंड में वह 6 दिन रहेंगे. उनका यह दौरा संगठन सृजन अभियान से जुड़ा हुआ है. इस अभियान के दौरान कांग्रेस प्रखंड और पंचायत स्तर तक संगठन को मजबूत बनाने का काम कर रही है. रांची में उन्होंने कहा कि सितंबर महीने के अंत तक प्रदेश के 25 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. इसके लिए केंद्रीय नेतृत्व ने  पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी कर दी है. अपने 6 दिन के इस कार्यक्रम में झारखंड प्रभारी के राजू रांची के अलावा हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला, पलामू और गिरिडीह समेत कई जिलों का दौरा करेंगे. प्रत्येक जिले में वहां पंचायत स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिलकर संगठनात्मक स्थिति की समीक्षा करेंगे और आने वाले दिनों की रणनीति तय करेंगे. 

    दरअसल, झारखंड के प्रभारी के राजू के बनने के बाद से ही संगठन के कामों में परिवर्तन की झलक दिखने लगी है. झारखंड में कांग्रेस की खोई जमीन को कई स्तरों पर तलाशा जा रहा है. कुछ दिन पहले हवा उड़ी  थी कि प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को भी बदला जा सकता है. लेकिन यह बात निर्मूल साबित हुई. लेकिन अब जिस तरीके से काम चल रहा है, उससे साफ लग रहा है कि अब केवल कुर्सी के लिए पदाधिकारी नहीं रहेंगे, उन्हें लोगों तक पहुंचना होगा, गांव-गांव तक जाना होगा, लोगों का भरोसा अर्जित करना होगा. जानकारी के अनुसार जिला अध्यक्षों के बदलाव के लिए राष्ट्रीय कांग्रेस ने जिला वार 25 पर्यवेक्षक नियुक्त किए है. 

    वहीं प्रदेश कांग्रेस ने सभी जिलों के लिए तीन-तीन पर्यवेक्षकों की कमेटी बनाई है. यह सभी मिलकर जिला अध्यक्ष के नाम की अनुशंसा करेंगे. कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के राजू ने झारखंड के मंत्री, विधायक, सांसद समेत वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी है. हालांकि कमेटी को लेकर कुछ विरोध भी है. सीनियर- जूनियर का मामला भी सामने आया है. संगठन सुधार 2025 में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया और संगठन की मजबूती पर विचार होगा. खैर, झारखंड के सभी जिलों के कांग्रेस अध्यक्ष को बदल दिया जाता है अथवा परफॉर्मेंस के आधार पर कुछ की कुर्सी बची रह सकती है. यह देखने वाली बात होगी. यह भी हो सकता है कि सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखकर जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की जाए. वैसे, इस कार्रवाई से कांग्रेस के कई "पैराशूट" नेताओं की परेशानी बढ़ गई है.

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 


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