चाईबासा: केवल हाजिरी बनाने आते हैं फर्मासिस्ट, फिर चलाते हैं अपनी दुकान, पढ़ें कैसे स्वास्थ्य केंद्र में खुलेआम चल रहा है फर्जीवाड़ा

    चाईबासा: केवल हाजिरी बनाने आते हैं फर्मासिस्ट, फिर चलाते हैं अपनी दुकान, पढ़ें कैसे स्वास्थ्य केंद्र में खुलेआम चल रहा है फर्जीवाड़ा

    चाईबासा(CHAIBASA):पश्चिमी सिंहभूम जिला के जगन्नाथपुर प्रखंड मुख्यालय में पड़ने वाले जैंतगढ़ प्राथमिक स्वास्थय केंद्र में पिछले कई वर्षो से पदस्थापित फर्मासिस्ट काशिफ रजा के विरोध में ग्रामीणों की ओर से भ्रष्टाचार में संल्पित होने के कई मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए पीएमओ व राज्य के मुख्यमंत्री तथा उपायुक्त को शिकापत पत्र सौंपा गया है, वहीं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग किया है.इस सबंध में ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षर युक्त आरोप पत्र में लिखा है कि पश्चिमी सिंहभूम जिला के जगन्नाथपुर प्रखण्ड अंतर्गत जैंतगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के फार्मासिस्ट काशिफ रजा भ्रष्टाचार में लिप्त है.वह अस्पताल में सेवा के नाम पर विभाग और जनता को बेवकुफ बना रहा है.

    केवल हाजिरी बनाने आते है फर्मासिस्ट

     ग्रामीणों का कहना है कि बायोमैट्रिक हाजिरी होने का लाभ उठा रहा है. हाजरी बनाने के बाद अपने निजी दवाई दुकान में दिन भर व्यस्त रहते है.जैतगढ़ स्थित उनका दो दुकान है जिनमे हाजरी बनाने के बाद दोनों दुकान में बारी बारी से बैठ कर व्यवसाय चलाता है. दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमेरे के सिस्टम को जप्त कर सारा डाटा निकाला जाये तो उनके कैमरे ही उनके भ्रष्टाचार की पोल खोल देंगे. वे ड्यूटी के समय में दुकान में रहते है. इसका प्रमाण मिल जाएगा. बड़ी मुश्किल से आधा घंटा अस्पताल में समय देते हैं.उस आधा घंटा समय में भी ओपीडी रजिस्टर में हेर - फेर करते है. चार-पांच मरीज का ही नाम सही पाया जाएगा, बाकी फेक नाम ही है जो कभी अस्पताल भी नहीं आते है.काशीफ रजा जब से इस अस्पताल में कार्य कर रहा है तब से अगर ओपीडी रजिस्टर का जांच किया जाये तो बहुत बड़ा दवा घोटाला का पर्दाफाश हो सकता है.ग्रामीणों नें कहा कि श्रीमान एक सरकारी कर्मी की सेवा शर्त का उल्लंघन हो रहा है. सरकारी कर्मी होने के बावजूद निजी प्राईवेट क्लिनिक रूपी दुकान का संचालन वह भी सेवा गसमय में कहां तक न्याय संगत है.

    फर्जी तरीके से बहाली का है आरोप

    ग्रामीणों ने बताया है कि काशिफ रजा एक पत्रकार भी था (अभी कुछ महीनो पहले ही विवाद के कारण छोड़ दिया है पर अप्रत्यक्ष रूप से कर रहा है, करवा रहा है. जो अपने ही विभाग व सरकार को धोखा देने का काम करता है.इसकी पत्रकारिता की वजह से ही सीएचसी जगन्नाथपुर के कर्मचारी डरे और सहमे रहते हैं. श्रीमान इस पत्रकारिता की वजह से ही अब तक जो भी सीएचसी में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी आए है, उनके खिलाफ अखबार में छपवा कर डराते रहता है ताकि उनका दुकान चलता रहे. श्रीमान, पिछले माह के 20-06-2024 को अखबार में छपी जगन्नाथपुर व जैतगढ़ में स्वास्थ्य सेवा बीमार, किसी का सटीक इलाज नहीं हो पाता, जगन्नाथपुर प्रखण्ड की लाखों जनता तीन आयुष चिकित्सकों के भरोसे है जबकी फार्मासिस्ट के भरोसे जैतगढ़ अस्पताल है. श्रीमान विगत वर्ष 18 अप्रैल को डॉ० शरीफ रजा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैतगढ़ में अपना योगदान दिये थे,योगदान देने के बाद से ही डॉ० सारिफ रजा ड्यूटी से नदराद है.श्रीमान, ताज्जुब की बात तो यह है की डॉ० सारिफ रजा पीएचसी जैतगढ़ के फार्मासिस्ट काशिफ रजा का अपना निजी भाई है.

    पत्रकारिता का लाभ उठाकर सबको धमकाता है फर्मासिस्ट

    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विगत 4-5 वर्षों से डॉ० सारिफ रजा ओड़ीशा राज्य जोड़ा के टाटा स्टील के अधीन अस्पताल में कार्यरत है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डॉ० सारिफ रजा का इनसे पहले भी झारखंड सरकार के द्वारा स्वास्थ्य विभाग में चयन हुआ था किन्तु अन्य जिला में चयन होने के कारण योगदान नहीं दिया.सिस्ट काशिफ रजा का अपने निजी भाई डॉ० शरीफ रजा को पीएचसी जैतगढ़ में योगदान दिलाने का मन्सा ही कुछ और है. फार्मासिस्ट काशिफ रजा का पदस्थापन ही संदेह के घेरे में है. उसकी बहाली 2005 में सांठ - गांठ कर SC / ST कोटे के द्वारा अनुबंध में हुई है.सीएचसी कुमारडुंगी में उनकी बहाली हुई थी. नियमों को ताक में रखकर अनुबंध कर्मी होने के बावजूद सांठ-गांठ कर गृह गांव पीएचसी जैतगढ़ प्रतिनियोजित करा लिया था. फिर जब वर्ष 2016 में इन्हे स्थायी किया गया तो चाईबासा सदर अस्पताल में उनका पदस्थापन हुआ, पर कुछ दिनों के बाद सांठ -गांठ कर पुनः जैतगढ़ अस्पताल आ गए.

    अपहरण के मामले में जेल भी जा चुका है फर्मासिस्ट

     इस बीच ओडीशा राज्य के क्योंझर जिला के चम्पुआ थाना के पुलिस वाले के अपहरण के खिलाफ केस हुआ. आपराधिक मुकदमा में इन्हें जेल में रहना पड़ा फिर विभाग द्वारा निलंबित किए गए. अब बेल पर बाहर निकला है. निलंबन के पश्चात प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैतगढ़ में ही सेवा देते रहे फिर सांठ-गांठ है. वह हर हाल में जैतगढ़ में रहकर अपना दूकानदारी चलाना चाहता है,सेवा भाव में नहीं निजी स्वार्थ हावी है.इसलिए विनती है की काशिफ रजा के विरुद्ध उच्चस्तरीय जांच गठन कर कार्रवाई करने की कृपा करें. इनके लिए हम सभी ग्रामीण आपका आभारी रहेंगे.

     इन्हें भी दी गई है प्रतिलिपि 

     पीएमओ दिल्ली, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री, भारत सरकार (दिल्ली),अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री, भारत सरकार (दिल्ली), स्वास्थ्य मंत्री, भारत सरकार, (दिल्ली), माननीय मुख्यमंत्री झारखंड सरकार (रांची),राज्य स्वास्थ्य मंत्री, झारखंड सरकार (रांची), अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री झारखंड सरकार (रांची), स्वास्थ्यै मैत्री, झारखंड सरकार, (रांची), स्वास्थ्य सचिव, झारखंड (रांची), झारखंड विधानसभा नेता प्रतिषछ, झारखंड (रांची), सड़क एव परिवहन मंत्री झारखंड सरकार (रांची),निदेशक प्रमुख (स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड (रांची),सिविल सर्जन (चाईबासा), विधायक जमशेदपुर (प. भाग),सांसद प. सिंहभूम (झारखंड), विधायक जगन्नाथपुर (झारखंड), प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, (सीएचसी जगन्नाथपुर),जिला परिषद अध्यक्ष (चाईकासा), डालसा (चाईबासा).

    रिपोर्ट-संतोष वर्मा


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news