प्राकृतिक सुंदरता व आस्था का मिला जुला संगम है साहिबगंज का बोंगा कोचा जलप्रपात

    प्राकृतिक सुंदरता व आस्था का मिला जुला संगम है साहिबगंज का बोंगा कोचा जलप्रपात

    साहिबगंज(SAHIBGANJ): साहिबगंज राज्य के सबसे प्रसिद्ध राजमहल में पहाड़ियों की प्राकृतिक सुंदरता और दिव्य वातावरण का विरल संगम देखने को मिलता है. यहां लोगों के मन को लुभाने के लिए प्राकृतिक सौंदर्य के अद्भुत नजारे हैं. चारों ओर फैली प्रकृति की हरियाली बस आंखों में बस जाती है. इन्हीं अद्भुत नजारों में से एक है बोंगा कोचा जलप्रपात. बोंगा कोचा जलप्रपात की सुंदरता देख हर कोई खो जाता है. ऊंचे पहाड़ों से गिरते झरने की आवाज हर किसी का मन मोह लेती है. आइए जानते हैं इसकी खूबसूरती के बारे में.

    गुफा में की जाती है शिव की पूजा

    बोरियो प्रखंड मुख्यालय से करीब 12 किमी दूर बोंगा कोचा जलप्रपात गम्हरिया पहाड़ में स्थित है. बोंगा कोचा का मतलब देवताओं का वास होने वाली जगह. बोंगा कोचा एक संथाली शब्द है. कहा जाता है कि वर्षों पूर्व संथाल आदिवासी यहां भगवान शिव की पूजा किया करते थे. आदिवासियों का मानना था कि भगवान शिव यहां आते-जाते थे. यह एक गुफानुमा जगह है, जिसके अंदर आदिवासी पुजारी जाकर भगवान शिव की पूजा किया करते थे. हालांकि, मुख्य पुजारी की आसमयिक मृत्यु हो जाने के कारण वर्षों तक यहां पूजा-अर्चना नहीं हुई. लेकिन अब एक बार फिर से स्थानीय आदिवासियों का बोंगा कोचा के प्रति आस्था बढ़ने लगी है.

    दिसंबर और जनवरी महीने में आना पसंद करते हैं सैलानी

    बोंगा कोचा में लोग पूजा-अर्चना के लिए तो आते ही हैं लेकिन ज्यादातर लोग यहां के प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेने भी पहुंचते हैं. सावन महीने में दूर-दराज से श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा करने आते हैं और साथ ही इस प्राकृतिक झरने के नजारों का आनंद लेते हैं. इस पुरानी गुफा में बाबा गजेश्वरनाथ और माता पार्वती का शिवलिंग स्थापित है. यहां साल भर पहाड़ की चोटी से तलहटी पर गिरता झरना सैलानियों का आकर्षण केंद्र है. झर-झर गिरते झरने से निकलती ठंडी हवाएं सैलानियों को खासकर दिसंबर और जनवरी महीने में खूब लुभाता है.

    यहां वन्यजीवों में खास कर बंदर, लंगूर, गिलहरी खूब देखे जाते हैं. यहां झारखंड ही नहीं बल्कि बिहार, बंगाल से भी सैलानियों की भीड़ उमड़ती है. ऐसे में अगर कोई भी सैलानी इस खूबसूरत नजरों का आनंद लेना चाहते हैं तो फिर यहां आने के लिए उन्हें पहले साहिबगंज जिला मुख्यालय से सड़क मार्ग से होते हुए बोरियो पहुंचना पड़ेगा. जिसके बाद बोरियो प्रखंड मुख्यालय से खैरवा के रास्ते बियासी-हाथीगढ़ से सैलानी बोंगा कोचा पहुंच सकते हैं. बोरियो से ऑटो में भी जाने की सुविधा उपलब्ध है.

    रिपोर्ट: गोविंद ठाकुर


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