बोकारो का नावाडीह हत्याकांड: विधायक जयराम महतो-बोकारो एसपी थे आमने सामने, पढ़िए-कैसे हुआ सनसनीखेज पटाक्षेप !

    बोकारो का नावाडीह हत्याकांड: विधायक जयराम महतो-बोकारो एसपी थे आमने सामने, पढ़िए-कैसे हुआ सनसनीखेज पटाक्षेप !

    धनबाद (DHANBAD) : बोकारो के बारीडीह  जंगल में 14-15 मई  की रात जिस हत्याकांड को लेकर विधायक जयराम महतो और बोकारो एसपी आमने-सामने हुए थे, उस मर्डर मिस्ट्री का खुलासा करने का पुलिसिया दावा किया गया है. बता दें कि बोकारो के उग्रवाद प्रभावित नावाडीह जंगल में 40 वर्षीय हेमलाल पंडित की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हजारीबाग की रहने वाली चंपा देवी 2024 में अपने पति खगेश्वर पंडित की मौत का जिम्मेदार हेमलाल पंडित को मानती थी. और उसने ही साजिश रच कर हेमलाल पंडित की शूटरों की मदद से हत्या करवा दी. 6 महीने पहले से वह हत्या की योजना बना रही थी. 14-15 मई  की रात पिता के सामने ही हेमलाल पंडित की हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद डुमरी के विधायक जयराम महतो रात एक  बजे के बाद घटनास्थल पर पहुंचे लेकिन पुलिस नहीं पहुंची थी. 

    विधायक जयराम महतो ने पुलिस सक्रियता पर सवाल खड़े किये थे 

    इस वजह से विधायक ने पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़े किए थे. आरोप लगाया था कि सूचना देने के बाद भी पुलिस घटनास्थल पर नहीं पहुंची. एसपी और डीएसपी ने फोन पिक नहीं किया. इस बहुचर्चित हत्याकांड का बोकारो एसपी मनोज स्वर्गियारी ने खुलासा कर दिया है. उन्होंने बताया है कि हत्याकांड में साजिशकर्ता चंपा देवी, उसके सहयोगी गिरिडीह के सरिया निवासी प्रकाश सिंह, झरिया(धनबाद ) के जामाडोबा चार नंबर निवासी डोमन राम ,पाथरबांग्ला(धनबाद ) निवासी विकास कुमार ने मिलकर घटना को अंजाम दिया. धनबाद के दो शूटरों  की  पुलिस अभी भी तलाश कर रही है. आरोपी महिला चंपा देवी अपने पति खगेश्वर पंडित की मौत के लिए हेमलाल पंडित को जिम्मेदार मानती थी.  खगेश्वर पंडित और हेमलाल पंडित दोनों झाड़-फूंक से जुड़े हुए थे. दोनों दोस्त भी थे.  

    वर्ष 2024 दुर्गा पूजा की नवमी के दिन चंपा देवी के पति की हुई थी मौत 

    वर्ष 2024 दुर्गा पूजा की नवमी के दिन दोनों ने साथ खाना खाया. महिला का पति खाना खाकर घर गया, तो अचानक उसकी मौत हो गई. इस घटना से महिला विचलित हो गई और हेमलाल को अपने पति की मौत का जिम्मेदार मानने लगी. पुलिस को गिरफ्तार आरोपियों ने बताया है कि 13 मई  को ही हजारीबाग, सरिया और बगोदर के बीच ही हेमलाल पंडित की हत्या की जानी थी. लेकिन भीड़ के कारण शूटरों  की हिम्मत नहीं हुई. 14 मई को प्रकाश और डोमन हेमलाल के घर पहुंचे और नावाडीह में झाड़-फूंक  करने का आग्रह  किया. इसके बाद हेमलाल उसके साथ चल दिया और फिर उसकी हत्या हो गई. 

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 

     


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