Big Update : डैमेज कंट्रोल करने के लिए भाजपा ने विधायक दल नेता के नाम की घोषणा टाली, जानिए अंदर की बात


रांची(RANCHI): - भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी. बैठक में नया नेता चुना जाना था. पर अंतिम समय में टल गया. जेपी भाई पटेल का नाम सबसे आगे चल रहा था सामाजिक समीकरण के लिहाज से पटेल उपयुक्त माने जा रहे थे
आखिर क्यों नहीं हो सकी घोषणा जानिए अंदर की बात
भाजपा विधायक दल की बैठक वैसे तो विधानसभा के हर सत्र के पहले आहूत होती रही है. लेकिन इस बार यह बैठक इसलिए खास थी कि बाबूलाल मरांडी की जगह विधायक दल का नया नेता चुना जाना था. दिल्ली में इस विषय पर केंद्रीय नेताओं से सारी चर्चा हो गई थी. विधायक दल के नए नेता की सूची में सीपी सिंह, अनंत ओझा, बिरंची नारायण और जयप्रकाश भाई पटेल की चर्चा थी. केंद्रीय पर्यवेक्षक के रुप में भाजपा नेतृत्व ने विधायक दल का नया नेता चुनने के लिए केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे को रांची भेजा. बैठक भी शुरू हो गई बैठक लंबी चली. विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर सदन में रणनीति पर चर्चा हुई. मुद्दों पर भी विचार विमर्श किए गए. जब बात विधायक दल के नेता के चुनाव की आई तो कुछ विधायकों ने इस विषय पर रायशुमारी की बात कही. केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे और संगठन के पदाधिकारियों ने विवाद को टालने के लिए रायशुमारी का निर्णय लिया. बैठक संपन्न होने के बाद अश्विनी चौबे 1-1 विधायक से बंद कमरे में तीन - तीन नाम जाना. केंद्रीय पर्यवेक्षक और संगठन के पदाधिकारियों ने विधायकों के बीच मत भिन्नता को भांप लिया. इसलिए रायशुमारी की जाने लगी. एक विधायक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश के तहत रायशुमारी को बेहतर तरीका माना गया है. इसलिए विधायक दल की बैठक में कोई सर्व सम्मत निर्णय नहीं हो पाया. सूत्र बताते हैं कि कुछ विधायक जेपी भाई पटेल के पक्ष में नहीं थे. एक कारण यह भी बताया गया कि जेपी भाई पटेल हाल ही में आए हैं इससे पहले वे जेएमएम में थे. पर उम्मीद की जा रही है कि चलते सत्र के दौरान ही केंद्रीय नेतृत्व विधायक दल का नया नेता तय कर देगा. संभवत सोमवार को इसकी घोषणा हो सकती है.
मांडू क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग आए थे रांची
भाजपा विधायक दल के नेता के चुनाव को लेकर या माना जा रहा था कि जेपी भाई पटेल सर्वसम्मति से चुन लिए जाएंगे. इसकी खबर से खुश होकर मांडू विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के दर्जनों नेता और कार्यकर्ता रांची पहुंच गए थे. पर घोषणा नहीं होने से इनके चेहरे उदास हो गए.
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