चर्चे में बिहार की राखी गुप्ता, जानिए क्यों चली गई छपरा मेयर की कुर्सी


धनबाद(DHANBAD): बिहार की राखी गुप्ता इन दिनों सुर्खियों में हैं. वो छपरा नगर निगम की मेयर थीं. लेकिन तीन बच्चों की मां होने के कारण उनकी कुर्सी चली गई. मेयर राखी गुप्ता को राज्य निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को पद मुक्त कर दिया. वह लगभग साढ़े छह महीने ही अपने पद पर रह सकी. आयोग ने राखी गुप्ता के खिलाफ गलत एफिडेविट और तथ्य छुपाने पर यह कार्रवाई की है. राज्य निर्वाचन आयुक्त ने डीएम को कार्रवाई करने का आदेश दिया है.आदेश में कहा गया है कि छपरा की मेयर राखी गुप्ता 4 अप्रैल 2008 के बाद 2 से अधिक जीवित संतान रहने के बात की तथ्य छुपाकर एफिडेविट किया है. कहा गया है कि इस आदेश के बाद से ही मेयर का पद रिक्त समझा जाएगा और नियमानुसार इस पर निर्वाचन की कार्रवाई कराई जाएगी.
पूर्व मेयर सुनीता देवी ने की थी शिकायत
छपरा नगर निगम की पूर्व मेयर सुनीता देवी ने राखी गुप्ता के खिलाफ आयोग से शिकायत की थी. इस मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद आदेश पारित किया गया है. राज्य चुनाव आयोग ने तत्कालीन जिलाधिकारी राजेश मीणा को जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा था. अपनी जांच रिपोर्ट में जिलाधिकारी ने राखी गुप्ता के तीन संतान का प्रमाण दिया. 5 जून को निर्वाचन आयोग द्वारा अंतिम तारीख पर पेशी के दौरान दोनों पक्ष को सुनते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था. गुरुवार को चुनाव आयोग ने मेयर राखी गुप्ता को अयोग्य करार दिया.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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