Bihar Election: शिल्पी-गौतम की मौत पर प्रशांत किशोर का क्या था सीधा सवाल,अब आगे क्या,पढ़िए


धनबाद(DHANBAD): बिहार का चुनाव इस बार साधारण नहीं होगा. महासप्तमी के दिन सोमवार को बिहार में कई गड़े मुर्दे उखड़े. प्रशांत किशोर इसके वाहक बने. एक बार फिर बिहार के बहुचर्चित शिल्पी -गौतम मौत कांड की याद दिलाकर उन्होंने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को घेरा. सुशील कुमार मोदी की भी याद बिहार को करा दी. प्रशांत किशोर ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम पटना के बहुचर्चित शिल्पी -गौतम केस से जोड़ते हुए कुछ सवालों के जवाब मांगे. बिहार को जानने वाले यह जानते होंगे कि 1999 में शिल्पी जैन और गौतम सिंह की मौत ने बिहार को झकझोर दिया था.
राबड़ी देवी की सरकार की लोगो को याद भी दिला दी
तब बिहार में राबड़ी देवी की सरकार थी. केस में राष्ट्रीय जनता दल के लोगों का नाम आया था. काफी हंगामा होने के बाद यह मामला सीबीआई को गया. सीबीआई ने जांच के बाद दोनों की मौत को आत्महत्या बताकर क्लोजर रिपोर्ट लगा दी थी. प्रशांत किशोर ने पटना में सोमवार को कहा कि सम्राट चौधरी सिर्फ हत्या के अभियुक्त नहीं है, जब लालू प्रसाद का जंगल राज चरम पर था, तब बिहार में शिल्पी -गौतम मामला हुआ था. आरोप लगाया गया था कि एक डॉक्टर के लड़के गौतम और कपड़ा व्यापारी की लड़की शिल्पी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी. बहुत हंगामा हुआ था, फिर मामला सीबीआई को चला गया. प्रशांत किशोर ने सवाल किया है कि क्या उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उर्फ राकेश कुमार उर्फ सम्राट कुमार मौर्य उस केस में संदिग्ध अभियुक्त के तौर पर नामजद थे या नहीं. यह उन्हें बताना चाहिए.
सम्राट चौधरी बतायें ,नहीं तो हम जारी करेंगे दस्तावेज -प्रशांत किशोर
अगर वह नहीं बताएंगे, तो हम दस्तावेज जारी करेंगे. प्रशांत किशोर ने यह भी पूछा है कि सीबीआई ने अभियुक्त के तौर पर सम्राट चौधरी की जांच की थी या नहीं? इस मुकदमे में सम्राट चौधरी को नामजद संदिग्ध बनाया गया था या नहीं? यह बताएं, यह पूरा मामला भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी(अब स्वर्गीय ) ने उठाया था. तब सम्राट चौधरी राजद के हिस्सा थे. सम्राट चौधरी को बताना चाहिए कि सीबीआई ने उनकी जांच अभियुक्त के तौर पर की थी या नहीं, सैंपल टेस्ट लिए गए थे या नहीं. खैर, बिहार की राजनीति में चुनाव के पहले गड़े मुर्दे उखाड़े जा रहे हैं और और कितने चेहरे इसमें बेनकाब होंगे , यह कहना मुश्किल है. हालांकि प्रशांत किशोर के आरोपों पर सम्राट चौधरी ने उनका नाम लिए बगैर कहा कि कुछ लोगों के पास कुछ नया नहीं है. उनके पास कोई काम भी नहीं है. कोई मुद्दा नहीं है, तो बेचारे आजकल खोजी पत्रकार बन गए है. कुछ बातें उचित प्लेटफॉर्म पर होती है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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