बड़ी खबर: रिनपास की प्रभारी निदेशक पर चलेगा मुकदमा! मरीज की मौत मामले में कोर्ट का बड़ा आदेश
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रांची (RANCHI) : राजधानी रांची के कांके स्थित रिनपास की वर्तमान प्रभारी निदेशक डॉ. जयति सिमलाई की मुश्किलें बढ़ गई हैं. अदालत ने उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया है. मामले की सुनवाई के बाद न्यायिक दंडाधिकारी रांची-24 सुश्री ऋत्विका सिंह ने 20 जनवरी को आदेश पारित करते हुए डॉ. जयति सिमलाई पर आईपीसी की धारा 279 और 304A के तहत केस चलाने का फैसला सुनाया है. अब डॉ. जयति सिमलाई पर तेज और लापरवाही से वाहन चलाने से मौत का कारण बनने के आरोप में मुकदमा चलेगा. इस मामले में रांची सिविल कोर्ट के अधिवक्ता ईशान रोहन शिकायतकर्ता सोनू मुंडा की ओर से पैरवी कर रहे थे.
यह मामला 2 मार्च 2022 का है. उस दिन रिनपास में इलाजरत महिला मरीज तैरु निशा को तत्कालीन विभागाध्यक्ष मनोचिकित्सा विभाग डॉ. जयति सिमलाई की कार से धक्का लग गया था. हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. आरोप है कि डॉ. जयति सिमलाई महिला विभाग परिसर में तेज और लापरवाही से गाड़ी चला रही थीं. बाद में इस घटना को पेड़ से गिरने का मामला बताकर दबाने की कोशिश भी की गई थी.
घटना की जानकारी मिलने के बाद सोनू मुंडा ने सीजेएम रांची की अदालत में शिकायत वाद संख्या 6364/2022 दर्ज कराया था. कोर्ट के निर्देश पर कांके थाना में कांड संख्या 198/2022 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई. हालांकि, पुलिस ने बिना गवाहों के बयान दर्ज किए ही डॉ. जयति सिमलाई को साक्ष्य के अभाव में निर्दोष बताते हुए अंतिम प्रतिवेदन सौंप दिया था. इस रिपोर्ट को शिकायतकर्ता सोनू मुंडा ने फिर से अदालत में चुनौती दी.
अधिवक्ता ईशान रोहन द्वारा प्रस्तुत गवाहों के बयान और दस्तावेजों पर विचार करने के बाद अदालत ने मंगलवार को डॉ. जयति सिमलाई के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी. गौर करने वाली बात यह है कि फिलहाल डॉ. जयति सिमलाई प्राध्यापक नहीं होने के बावजूद रिनपास की प्रभारी निदेशक के पद पर बनी हुई हैं. ऐसे में उनके इस पद पर बने रहने से मामले की निष्पक्षता पर भी सवाल उठने लगे हैं.
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