नव वर्ष के पहले झारखंड के विभिन्न जेलों में प्रशासन की ताबड़तोड़ छापेमरी, अमन सिंह की हत्या के बाद जेल प्रशासन हुआ सख्त

    नव वर्ष के पहले झारखंड के विभिन्न जेलों में प्रशासन की ताबड़तोड़ छापेमरी, अमन सिंह की हत्या के बाद जेल प्रशासन हुआ सख्त

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK) :  धनबाद जेल में गैंगस्टर अमन सिहं की हत्या ने झारखंड के तमाम जेलों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा किया है. जिस प्रकार धनबाद के जेल में एक पिस्तौल से अमन सिंह की हत्या कर दी जाती है. उससे यह बिल्कुल साफ है कि जेल की कानून व्यवस्था किस हद तक चरमरा गई थी. लेकिन इस हत्याकांड के बाद झारखंड के तमाम जेलों की सुरक्षा व्यवस्था पर काफी ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है. औऱ जेल की कानून व्यवस्था को पूरी तरह सख्त कर दिया गया है.  इसी कड़ी में आज झारखंड के तमाम जेलों में पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी की गई है. पुलिस की टीम ने बोकारो, गोड्डा, लातेहार समेत कई मंडल कारा में उपायुक्त के निर्देश में छापेमारी की. वहीं सोमवार यानी 25 दिसंबर को पुलिस ने रांची औऱ धनबाद जेल में छापेमारी की थी. साथ ही जेल में बंद कैदियों से पूछताछ की थी.

    सरकार के निर्देश पर की गई छापेमारी

    बता दें कि झारखंड के कई जिलों में कई कुख्यात विचारधीन कैदी बंद हैं. इन कैदियों में माओवादी, टीएसपीसी, जेजेएमपी नक्सली संगठन से जुड़े अपराधियों के अलावा अन्य अपराधी संगठन के सद्स्य भी जेल में कैद हैं. जिसके बाद संभावना जताई जा रही है कि इन अपराधियों के द्वारा जेल में रहकर भी अपराध की योजनाएं बनाई जाती है. ऐसी किसी भी संभावना पर पूरी तरह विराम लगाने के लिए सरकार के निर्देश पर राज्य के विभिन्न जिलों में छापेमारी की जा रही है. इसी क्रम में लातेहार, गोड्डा, बोकारो जिले के मंडल कारा में मंगलवार को जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के द्वारा जेल में सघन छापामारी अभियान चलाई गयी. पुलिस की टीमों के द्वारा जेल के विभिन्न हिस्सों में जाकर सघनता से छापेमारी की गई. हालांकि इस छापेमारी में पुलिस की टीम को जेल से कुछ भी आपत्ति जनक सामान नहीं मिला है. 

    आपत्तिजनक सामान नहीं किया गया बरामद

    वहीं आपकों बता दें कि पिछले दिनों सोमवार को भी पुलिस ने झारखंड के कई जेलों में छापेमरी की थी. लेकिन कहीं भी पुलिस को आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ. डीसी के नेतृत्व में विभिन्न जेलों में हुई छापेमारी के दौरान कैदियों से भी पूछताछ की गई. साथ ही कैदियों के भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की गई. लेकिन जिस प्रकार एकाएक झारखंड के तमाम जेलों में छापेमारी की गई. उससे यह बिल्कुल साफ और स्पष्ट हो गया है कि झारखंड के दोबारा अमन सिंह जैसी घटना नहीं दोहराई जाएगी. 


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news