परेशानी को रहें तैयार: 22 से धनबाद के कंधे पर रोज बढ़ सकता है 600 टन कचरे का बोझ, क्या है वजह


धनबाद(DHANBAD): धनबाद पर रोज 600 टन कचरे का बोझ बढ़ सकता है. 22 दिसंबर से कचरा उठाव का काम ठप हो सकता है. अगर सफाई कार्य ठप हुआ, तो 600 टन के लगभग कचरा रोज जमा होगा. फिर तो शहर कचरा से पट जाएगा. दरअसल, शहर में डोर टू डोर का काम करने वाली निजी एजेंसी के सफाई कर्मियों ने 22 दिसंबर से बेमियादी हड़ताल की घोषणा की है. उनका आरोप है कि कंपनी के प्रोजेक्ट हेड ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया है. हालांकि हड़ताल की घोषणा के बाद भी "ईगो क्लेस" चल रहा है. निजी कंपनी के अधिकारी का कहना है कि कर्मचारियों से वार्ता के लिए वह तैयार हैं और यह वार्ता कंपनी के ऑफिस में ही होगी.
झरिया नहीं ,कंपनी कार्यालय पर वार्ता को कंपनी तैयार
बिहार बिल्डिंग में वार्ता के लिए कंपनी के लोग नहीं जाएंगे. दरअसल, जनता श्रमिक संघ का कार्यालय बिहार बिल्डिंग झरिया में है और इसी यूनियन के नेतृत्व में कर्मचारी हड़ताल पर जाने की घोषणा की है. जनता श्रमिक संघ विधायक रागिनी सिंह और पूर्व विधायक संजीव सिंह द्वारा संचालित है. संजीव सिंह जब जेल में थे, तो जनता मजदूर संघ से अलग हटकर जनता श्रमिक संघ का गठन हुआ था. वैसे ,अब कहा जा रहा है कि जनता मजदूर संघ और श्रमिक जनता श्रमिक संघ लगभग एक ही संगठन है. इधर, नगर निगम में कार्यरत निजी कंपनी के मजदूरों के साथ कथित शोषण के खिलाफ संघ प्रतिनिधियों के साथ कर्मचारियों की बैठक हुई. कर्मचारियों के प्रतिनिधि का कहना है कि कंपनी के प्रबंधक का मनोबल इतना बढ़ गया है कि बेवजह कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है.
कंपनी के प्रोजेक्ट हेड पर मनमानी का लगाया है आरोप
आरोप लगाया कि 17 दिसंबर को कंपनी के प्रोजेक्ट हेड अमित कुमार एवं उनके लोगों ने कतरास अंचल में जाकर मजदूरों का बना हुआ खाना फेंक दिया. खाने की सभी सामग्री उठकर चले गए. इधर, कंपनी के प्रोजेक्ट हेड का कहना है कि कर्मियों के साथ कंपनी के ऑफिस में वार्ता होगी. बिहार बिल्डिंग वार्ता करने के लिए नहीं जाएंगे. अब देखना है 22 के पहले वार्ता का कोई नतीजा निकलता है अथवा कर्मी हड़ताल पर जाते है. अगर कर्मी हड़ताल पर गए तो शहर की स्थिति नारकीय हो सकती है. धनबाद नगर निगम की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से आउटसोर्स पर निर्भर है. कुल 55 वार्डो की सफाई आउटसोर्स के भरोसे चलता है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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