जिस राज्य में" चूहे "शराब पीते हैं, उसी प्रदेश में हुआ एक और सनसनीखेज खुलासा, उत्पाद विभाग की जब्त शराब स्टॉक की क्यों उठने लगी मांग !

    जिस राज्य में" चूहे "शराब पीते हैं, उसी प्रदेश में हुआ एक और सनसनीखेज खुलासा, उत्पाद विभाग की जब्त शराब स्टॉक की क्यों उठने लगी मांग !

    धनबाद (DHANBAD); बिहार में शराबबंदी है, लेकिन बिहार के शराब माफिया का नेटवर्क अगल-बगल के राज्यों में मजबूती के साथ फैला हुआ है. जगह-जगह से शराब की खेप बिहार पहुंचाई जा रही है. झारखंड के गिरिडीह में तो सनसनीखेज खुलासा हुआ है. उत्पाद विभाग के गोदाम से ही शराब की चोरी कर बिहार भेजी जा रही थी.

    यह घटना चौंकाने वाली है और झारखंड के सभी उत्पाद विभाग गोदाम की स्टॉक ऑडिट की जांच कराने  की जरूरत की ओर इशारा कर रही है. जानकारी के अनुसार गिरिडीह के पुराना परिसदन गोदाम से  शराब की पेटियां बिहार भेजी जा रही थी .इसके लिए उत्पाद विभाग के गोदाम में सील किए गए ताले को ही बदल दिया गया था. 

    इस खुलासे ने कई सवाल भी पैदा किए हैं. सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि शराब चोरी और तस्करी में जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, वहां कई सालों से स्पेशल ब्रांच का फर्जी अधिकारी बनकर सर्किट हाउस में रह रहा था. पूछताछ में पता चला है कि बिहार के नवादा का रहने वाला शशि कुमार पिछले 9 साल से खुद को स्पेशल ब्रांच का अधिकारी बताकर गिरिडीह पुलिस प्रशासन की आंखों में धूल झोंक रहा था. 

    पुलिस की हर गतिविधियों में शामिल रहता था. दरअसल, 28 नवंबर को उत्पाद विभाग ने शराब लदी कार को पकड़ा. कार से दो युवक पकड़े गए. कार से उत्पाद विभाग द्वारा जब्त शराब की पेटियां बरामद की गई. पूछताछ में दोनों युवकों ने बताया कि उन लोगों को बड़ा चौक में यह शराब एक दूसरे युवक ने दिया है. 

    इसके बाद उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने उन दोनों की निशानदेही पर पुराना परिसदन भवन में छापेमारी की. छापेमारी के दौरान नवादा के शशि सिंह एवं अन्य  एक युवक को पकड़ा गया. उत्पाद विभाग को पता चला कि शराब तस्करी का मास्टरमाइंड शशि सिंह है. झारखंड में शराब में खेल पर खेल होते हैं.

    धनबाद ही वह जगह है, जहां जांच में दुकान कर्मियों ने बताया था कि शराब को चूहा पी गए हैं. दरअसल, शराब के स्टॉक में गड़बड़ी कर चूहों पर आरोप डाल दिया गया था. यह भी सच है कि धनबाद सहित झारखंड में अवैध शराब कारोबारियो का कोयला चोर और तस्करों की तरह एक संगठित गिरोह है. इस गिरोह का नेटवर्क सिर्फ झारखंड में ही नहीं बल्कि दूसरे प्रदेशों में भी फैला हुआ है.

    उत्पाद विभाग जब भी छापेमारी को निकलता है, उसे उपलब्धि मिलती है. अवैध शराब की फैक्ट्रियां पकड़ी जाती है. देखना है की गिरिडीह में मामले पकड़ के में आने के बाद झारखंड में उत्पाद विभाग के गोदाम में जब्त शराब की स्टॉक की जांच कराई जाती है अथवा सब कुछ पहले की तरह ही चलता रहता है.

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो


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