कांग्रेस की विधायक के बाद झामुमो का नंबर : पढ़िए-खरसावां विधानसभा से विधायक कौन, क्यों हो रही जाँच !


धनबाद (DHANBAD) : झारखंड क खरसावां विधानसभा की एक बार फिर चर्चे में है. झारखंड के खरसावां विधान सभा से दशरथ गागराई तीसरी बार चुनाव जीते है. 2014 में उन्होंने भाजपा के अर्जुन मुंडा को पराजित किया था. 2019 में भी वह विधायक चुने गए और 2024 में भी विधायक चुने गए है. लेकिन अब उनकी पात्रता पहचान पर सवाल उठाये गए है. सवाल उठाए जा रहे हैं कि खरसावां विधानसभा के विधायक ने अपनी पहचान छुपाई है. इसके बाद से झारखंड की राजनीति में हलचल देखी जा रही है. झारखंड के खरसावां विधानसभा से असली विधायक कौन है .? दशरथ गागराई या रामकृष्ण गागराई. यह सवाल क्यों झारखंड में बड़ा हो गया है और क्यों इसकी जांच शुरू कर दी गई है? इसकी चर्चा झारखंड में खूब हो रही है.
खरसावां से तीन बार चुनाव जीते है दशरथ गागराई
खरसावां से झामुमो के विधायक दशरथ गागराई पर चुनाव के दौरान फर्जी पहचान पत्र के उपयोग के आरोप की जांच के आदेश दिए गए है. जांच का जिम्मा सरायकेला- खरसावां के डीसी को दिया गया है. विधायक की पहचान पर गंभीर सवाल उठने के बाद झारखंड में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. दरअसल इसको लेकर भूतपूर्व सैनिक लालजी राम तियु ने शिकायत की है. इसके बाद राज्य के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी को जांच करने का आदेश दिया है. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि दशरथ गागराई के सभी शैक्षणिक एवं अन्य प्रमाण पत्र फर्जी है.
शिकायत पत्र में पढ़िए -क्या किया गया है दावा
शिकायत में दावा किया गया है कि विधायक दशरथ गागराई के बड़े भाई रामकृष्ण गागराई को वर्ष 19 92 में सीआरपीएफ में सिपाही के पद पर नौकरी मिली थी. लेकिन रामकृष्ण गागराई ने अपने छोटे भाई दशरथ गागराई को अपनी जगह नौकरी के लिए भेज दिया. शिकायतकर्ता का दावा है कि वर्तमान में सीआरपीएफ के डीआईजी कार्यालय में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत व्यक्ति ही दशरथ गागराई है. जबकि खरसावां से चुनाव जीतने वाले व्यक्ति वास्तविक रूप से रामकृष्ण गागराई है. यह भी आरोप लगाया गया है कि रामकृष्ण गागराई , दशरथ गागराई से लगभग 7 साल बड़े है. अब जांच से ही स्पष्ट होगा कि विधायक पद पर चुनाव जीतने वाले व्यक्ति दशरथ गागराई है कि रामकृष्ण गागराई.
पूरे मामले पर क्या कहते है विधायक दशरथ गागराई
इधर ,विधायक दसरथ गागराई का कहना है कि ऐसा नहीं है कि मैं पहली बार चुनाव लड़ा , मुझ पर लगाए गए आरोप फर्जी और मनगढ़ंत है. जो व्यक्ति आरोप लगा रहा है, वह खुद कई मामलों में दागी है. हर बार उसका यही काम है. खुद को आरटीआई कार्यकर्ता बता कर लोगों को ब्लैकमेल करता है. झारखंड की राजनीति में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि एक विधायक की पात्रता से जुड़ा हुआ है. डीसी अब शिकायत की पूरी जांच करेंगे और रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी को देंगे. बता दें कि इसके पहले भी बोकारो की विधायक श्वेता सिंह के खिलाफ कई वोटर आईडी कार्ड रखने सहित कई आरोप लगाए गए थे. इसकी भी जांच चल रही है. श्वेता सिंह कांग्रेस की विधायक हैं, जबकि दशरथ गागराई झामुमो के विधायक है.
रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो
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