सीएम से मिलने के बाद राजनीतिक जमीन तलाशने झरिया पहुंचे पूर्व विधायक संजीव सिंह, क्या चल रहा कोयलांचल में !

    सीएम से मिलने के बाद राजनीतिक जमीन तलाशने झरिया पहुंचे पूर्व विधायक संजीव सिंह, क्या चल रहा कोयलांचल में !

    धनबाद (DHANBAD) : झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलने के बाद सोमवार को झरिया पहुंचे. यह अलग बात है कि 8 साल से अधिक समय के बाद वह अपने कर्मभूमि झरिया पहुंचे थे. इसके साथ ही यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि क्या पत्नी रागिनी सिंह अब भाजपा की राजनीति करेंगी  और पूर्व विधायक संजीव सिंह मजदूरों की डोर थामेंगे. 2024 के विधानसभा चुनाव में संजीव सिंह की पत्नी रागिनी सिंह झरिया से विधायक चुनी गई है. यह बात तो सच है कि संजीव सिंह की अनुपस्थिति में रागिनी सिंह ने घर की चौखट लांघकर , जिस  साहस और दिलेरी के साथ परिस्थितियों का सामना किया, उसका तो उनके विरोधी भी निश्चित रूप से सराहना करेंगे. 

    फिलहाल संजीव सिंह खुद की राजनीतिक जमीन तलाश रहे 

    लेकिन अब संजीव सिंह हत्या के मुकदमे से बरी  हो गए हैं और वह  खुद की राजनीति के लिए जमीन तलाश रहे है. कांग्रेस नेता और अपने चचेरे भाई नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या के आरोप में अगस्त महीने में सबूत के अभाव में वह विशेष कोर्ट   से बरी  किए गए है. हालांकि निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील दायर की गई है. नीरज सिंह हत्याकांड में आठ साल चार महीने जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 8 अगस्त 2025 को संजीव सिंह को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया.  इसके बाद वह जेल से बाहर आए, फिर 27 अगस्त 2025 को धनबाद की विशेष अदालत ने साक्ष्य के अभाव में उन्हें बरी कर दिया.  अदालत से बरी होने के  बाद संजीव सिंह सोमवार को पहली बार झरिया पहुंचे थे. 

    11 दिसंबर को सीएम से की थी  शिष्टाचार मुलाकात 

    सूत्रों के अनुसार संजीव सिंह अपनी पत्नी एवं झरिया की भाजपा विधायक रागिनी सिंह के साथ 11 दिसंबर को  विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की थी. झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह सोमवार की शाम करीब नौ साल बाद अपनी कर्मभूमि झरिया पहुंचे थे. उनके आगमन की खबर मिलते ही समर्थकों और कार्यकर्ताओं में उत्साह था. झरिया पहुंचते ही ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और नारों के साथ उनका स्वागत किया गया. संजीव सिंह ने कहा कि करीब नौ वर्षों बाद आज झरिया आने का अवसर मिला है.  झरिया की धरती से उनके पिता स्व. सूर्यदेव सिंह का गहरा लगाव रहा है. उन्होंने कहा कि जेल में रहने के दौरान भी जिस तरह कार्यकर्ता और समर्थक सिंह मेंशन परिवार के साथ मजबूती से जुड़े रहे, उसके लिए वह सदैव उनके ऋणी रहेंगे. 

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 


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