अवैध शराब कारोबार के खिलाफ प्रशासन हुआ रेस ,18 दिनों में कुल 45 मामले दर्ज 

    अवैध शराब कारोबार के खिलाफ प्रशासन हुआ रेस ,18 दिनों में कुल 45 मामले दर्ज 

    धनबाद(DHANBAD):  अवैध शराब के खिलाफ धनबाद जिला प्रशासन रेस  हो गया है.  त्योहार के सीजन में अवैध शराब की खपत भी बढ़ जाती है. अभी हाल ही  में उत्पाद विभाग ने बलियापुर में दो जगहों  पर छापामारी कर शराब की मिनी फैक्ट्री का खुलासा किया था.  इसके अलावे कतरास में राशन दुकान में शराब बेची जाने का भी खुलासा हुआ था. उपायुक्त  वरुण रंजन अवैध शराब के खिलाफ करवाई का सख्त निर्देश दिया है.  उसके बाद उत्पाद विभाग ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान चलाकर 18 अक्टूबर तक 45 मामले दर्ज किए है.  कुल आठ लोगों को न्यायिक  हिरासत में भेजा गया है.  सहायक उत्पाद आयुक्त संजय कुमार मेहता के अनुसार एक  अक्टूबर से लेकर 18 अक्टूबर तक 690 लीटर अवैध महुआ चुलाई  शराब, 5800 किलोग्राम जावा महुआ, 11 लीटर देसी शराब, 843 लीटर विदेशी शराब, 63 लीटर बीयर, 2900 लीटर स्प्रिट  तथा 500 लीटर रंगीन शराब बरामद की गई है. 

    छापेमारी अभियान जारी रखने का दावा 
     
    उन्होंने बताया कि अवैध शराब कारोबार पर रोक के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. धनबाद सहित  झारखंड के कई शहरों में अवैध शराब चुलाई  और मिनी फैक्ट्री खोलकर शराब तैयार करने का संगठित गिरोह सक्रिय रहता है.  झारखंड के रास्ते बिहार भी शराब पहुंचाई जाती है.  बिहार में अभी शराबबंदी है, इसलिए लोग चोरी छुपे शराब बेचते और पीते है.  नतीजा होता है कि लगातार मौते  होती रहती है.  वैसे खनन घोटाला, कोयला घोटाला, बालू घोटाला की तरह झारखंड में शराब घोटाला की भी चर्चा है.   गुरुवार को ही प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए  शराब कारोबार के "किंगपिन" योगेंद्र  तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है.  शराब घोटाला  और आगे किन-किन लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाएगा,  यह कहना  कठिन है लेकिन कइयों  चेहरे पर से हवाइयां उड़ने लगी है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news