हमेशा के लिए शांत हो गई धनबाद की एक कड़क आवाज़, नहीं रहे उद्योगपति रतन लाल अग्रवाल


धनबाद(DHANBAD): धनबाद के प्रसिद्ध उद्योगपति रतन लाल अग्रवाल का शनिवार के अपराह्न निधन हो गया. जोड़ाफाटक रोड स्थित अपने आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली. वह लगभग 85 वर्ष के थे. वह कई हार्डकोक उद्योग के मालिक थे. इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स एसोसिएशन के लगातार कई वर्षों से उपाध्यक्ष थे. सामाजिक कार्यों में भी उनकी विशेष रूचि थी. वह विश्व हिन्दू परिषद् से भी जुड़े हुए थे. खनक आवाज और सच के साथ खड़ा रहने वाले रतन कुमार अग्रवाल की कमी धनबाद को खलती रहेगी।
जीवन में कड़े संघर्ष के बाद उन्होंने यह मुकाम हासिल किया था. इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बी एन सिंह ने कहा है कि यह उनकी व्यक्तिगत क्षति हुई है. पिछले 40 सालों से वह लोग साथ जुड़े हुए थे. धनबाद के उद्योगों पर जब-जब संकट आया, संघर्ष में रतन बाबू साथ रहे. रतन लाल अग्रवाल विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ सदस्य थे.
विश्व हिंदू परिषद के बैनर तले उन्होंने कई आंदोलन किये। धनबाद के उद्योग जगत के बड़े हस्ताक्षर माने जाते थे. उनके निधन से कई क्षेत्रों में खालीपन आ गया है. जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं दिख रही है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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