न्यायपालिका का निष्पक्ष होना जरूरी- मुंबई हाईकोर्ट के एक्स जस्टिस अभय महादेव थिप्से ने रांची में कहा


रांची (RANCHI): मुंबई हाई कोर्ट के रिटायर जस्टिस अभय महादेव थिप्से ने कहा कि न्यायपालिका को स्वतंत्र रखने के लिये निष्पक्ष होना जरूरी है. न्यायपालिका की आलोचना की जा सकती है लेकिन कुछ लोग अपने मनोनुकुल निर्णय नहीं आने पर जो आलोचना करते हैं, वह उचित नहीं है. आज देश में भेदभाव हो रहा है, उसे नहीं होने देना चाहिये. तभी एक देश एक समाज रहेगा. वह आज रांची में ‘झारखंड में बढ़ती घृणा साम्प्रदायिक तनाव और राज्य हिंसा’ के विषय पर हुए एक सेमिनार में बोल रहे थे. आयोजन होटल सनराइज इन में एपीसीआर झारखंड चैप्टर ने किया था.

राजनीति में साम्प्रदायिकता हावी
सेमिनार में दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता फुजैल अहमद अय्यूबी ने कहा कि आज सोशल मीडिया हिंदू और मुसलमानों के बीच रिश्ते को तोड़ने में लगी है. इसमें मीडिया और पुलिस की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है. दिल्ली से आए एपीसीआर के राष्ट्रीय सचिव नदीम खान ने कहा कि आज राजनीति में साम्प्रदायिकता हावी हो गई है. जमीनी सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है. यह बुनियादी वजह बनती जा रही है समाज में बेचैनी और न इंसाफी की. जब जनता को सरकार की तरफ से न्याय नहीं मिलेगा तो उसके अंदर एक बेचैनी पैदा होना स्वभाविक है. आज के मिटिंग का मकसद यह है कि दूर दराज गाँव में रहने वाले मजलूमों के मदद के लिये ऐसे लोग खङे हों।. इससे उनके अंदर एक उम्मीद पैदा होगी तभी उनको लगेगा कि अत्याचार के विरुद्ध लङाई में हमारे साथ खङे हैं. त्वरित न्यायिक सहायता के लिये यह जरूरी है स्थानीय स्तर पर छोटे छोटे कानूनी सहायता शिविर लगाया जाए.

ये भी रहे शामिल, रखा विचार
पूर्व डिप्टी सॉलिसीटर जनरल अधिवक्ता मुख्तार खान, झारखंड बार एसोसिएशन के सदस्य ए.के.रशीदी ने भी अपने विचार रखे. मौके पर डॉ. हसन रजा, बलराम, फादर महेन्द्र पीटर, शुभेन्दु सेन, अम्मार यासेर, अधिवक्ता हरप्रीत सिंह, अधिवक्ता योगेन्दर प्रसाद, शम्स कमर, जेके पांडेय, तनवीर अहमद, नदीम खान, मो जाहिद, तमन्ना परवीन, शहनाज और मो सूफियान आदि उपस्थित थे. अतिथियों का स्वागत एपीसीआर झारखंड चैप्टर के अध्यक्ष अधिवक्ता रजाउल्लाह अंसारी ने, धन्यवाद ज्ञापन सचिव जियाउल्लाह ने जबकि संचालन एपीसीआर राँची जिला के सचिव अधिवक्ता मिन्हाज अख्तर ने किया.
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