विप्रो के नये कर्मियों के ऑफर में 50 फीसदी की कटौती, क्या टेक कंपनियों के सामने मंडरा रहा है आर्थिक मंदी का खतरा

    विप्रो के नये कर्मियों के ऑफर में 50 फीसदी की कटौती, क्या टेक कंपनियों के सामने मंडरा रहा है आर्थिक मंदी का खतरा

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): गुगल, माइक्रोसोफ्ट, ट्विटर और दूसरी वैश्विक कंपनियों के द्वारा कर्मियों की भारी छंटनी के बीच अब आईटी कंपनी विप्रो ने अपने नये कर्मियों के घोषित ऑफर में 50 फीसदी कटौती करने की घोषणा कर दी है. दावा किया जा रहा है कि विप्रो को यह निर्णय वैश्विक आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए उठाया गया है.

    विप्रो के फैसले को आईटी यूनियन ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

    इस बीच विप्रो के इस कदम को आईटी यूनियन ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. साथ ही विप्रो से इस मामल में पुनर्विचार का अनुरोध किया है. यहां बता दें कि विप्रो का यह कदम अपने नये कर्मियों के लिए है, कुछ ही दिन पूर्व कंपनी के द्वारा इन कर्मियों को हायर किया गया था, हायर करते वक्त उन्हें 6.5 लाख का ऑफर दिया गया था.

    नये कर्मियों के द्वारा जॉइन करने की तैयारी की जा रही थी

    कर्मियों के द्वारा संभावित तिथि को कंपनी ज्वाइन करने की तैयारी भी की जा रही थी, लेकिन इस बीच ही कंपनी के द्वारा कर्मियों को यह सूचित किया गया कि कंपनी के द्वारा उनको दिये गये ऑफर में संशोधन कर उनके ऑफर में 50 फीसदी की कटौती कर रही है. अब उनको 6.5 लाख के बदले में 3.5 लाख का प्रस्ताव दिया जा रहा है.

    निष्पक्षता और पारदर्शिता के सिद्धांतों का उल्लंघन

    यही कारण है कि आईटी यूनियन के द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है. उनके द्वारा ऑफर में कटौती को चुनौती दी जा रही है. क्योंकि कर्मी तो कंपनी का ऑफर मिलने के बाद कंपनी को ज्वाइन करने की तैयारी कर रहे थें. नीट्स ने इसे निष्पक्षता और पारदर्शिता के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया है. साथ ही विप्रो प्रबंधन से नीट्स के साथ बैठक कर मामले का समाधान खोजने की अपील की है. 

    किया जा रहा है वैश्विक अर्थव्यवस्था का आकलन

    इधर विप्रो ने अपनी सफाई में कहा है कि कंपनी की ओर से अभी वैश्विक अर्थव्यवस्था का आकलन किया जा रहा है. साथ ही हम ग्राहकों की जरूरतों का भी मुल्याकंन कर रहे हैं. किसी भी कंपनी के लिए भर्ती योजनाओं का एक जरूरी हिस्सा है. हम अपने कर्मियों की प्रतिबद्धता और धैर्य की सराहना करते हैं. हमारी कोशिश अपने कर्मियों के लिए नये अवसरों की खोज करने की है. फिलहाल हमारे पास कुछ प्रोजेक्ट इंजीनियरों के लिए बेहतर अवसर है, जिसके लिए 3.5 लाख का वार्षिक भुगतान किया जा सकता है. 

    पहली ही वैश्विक कंपनियों के द्वारा कर्मियों की जा रही है छंटनी

    यहां बता दें कि इसके पहले भी अमेजन, अलीबाबा, गुगल, माइक्रोसोफ्ट, ट्विटर और दूसरी वैश्विक कंपनियों के द्वारा कर्मियों की भारी छंटनी की गयी है, यही हाल कुछ दूसरे टेक कंपनियों का भी है. अब विप्रो के द्वारा अपने कर्मियों के ऑफर में 50 फीसदी कटौती से वैश्विक स्तर पर मंदी का खतरा मंडराने लगा है.

     रिपोर्ट: देवेन्द्र कुमार 


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