दक्षिण अफ्रीका के कैमरून में फंसे 27 मजदूर लौटे स्वदेश, पारसनाथ रेलवे स्टेशन पर श्रम नियोजन सचिव ने मजदूरों का किया स्वागत

    दक्षिण अफ्रीका के कैमरून में फंसे 27 मजदूर लौटे स्वदेश, पारसनाथ रेलवे स्टेशन पर श्रम नियोजन सचिव ने मजदूरों का किया स्वागत

    गिरिडीह(GIRIDIH) : दक्षिण अफ्रीका के कैमरून में फंसे 27 मजदूरों की सकुशल वतन वापसी हो गई है. आज बुधवार की सुबह मुंबई मेल से सभी मजदूर पारसनाथ रेलवे स्टेशन में उतरे, जहां झारखंड के श्रम नियोजन सचिव मुकेश कुमार एवं जिला उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा, डुमरी एसडीम मो. परवेज आलम, डुमरी एसडीपीओ सुमित कुमार,  सहित जिला प्रशासन के कई बडे अधिकारियों ने मजदूरों का माला पहनाकर स्वागत किया. साथ ही मजदूरों के स्वागत के लिए स्थानीय झारखंड मुक्ति मोर्चा के कई केडर मौजूद थे. वहीं, इस दौरान मजदूरों के चेहरे पर मुस्कुराहट दिखाई दी. साथ ही मजदूरों ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किए गए त्वरित रूप से मजदूरों के स्वदेश वापसी के कदम को  सराहा. 

    मजदूरों को होटल वेद वाटिका में ठहराया गया है 

    बता दें कि, इन 27 मजदूरों में झारखंड के बोकारो जिले के 18 मजदूर, गिरिडीह जिले के चार मजदूर और हजारीबाग जिले के पांच मजदूर शामिल हैं. फिलहाल जिला प्रशासन द्वारा सभी मजदूरों को निमियाघाट के होटल वेद वाटिका में ठहराया गया है. इन सभी मजदूरों से झारखंड राज्य के श्रम नियोजन प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग व उद्योग विभाग के मंत्री सत्यानंद भोग्ता, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग व उत्पाद एवं मध निषेध विभाग के मंत्री वैद्यनाथ राम, महिला बाल विकास व सामाजिक सुरक्षा विभाग मंत्री सह डुमरी विधायक बेबी देवी, गिरिडीह सदर विधायक सुद्वीप कुमार सोनू, गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन भेंट कर मजदूरों की समस्याओं को जानेंगे. साथ ही इन सभी मजदूरों को तत्काल राज्य सरकार द्वारा 25-25 हजार रुपए का चेक भी दिया जाएगा. 

    विदेश जाने से पहले अपने-अपने जिले में रजिस्ट्रेशन करवाएं मजदूर 

    श्रम सचिव मुकेश कुमार ने बताया कि इन मजदूरों का वीडियो वायरल होने के पश्चात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व श्रम नियोजन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस पर काम किया और मजदूरों के सकुशल वापसी के लिए विदेश विभाग से सहयोग लेकर तत्पश्चात सकारात्मक दिशा में काम किया गया. इस कारण पहली बार झारखंड के मजदूर इतने कम समय में स्वदेश लौटे हैं जो सराहनीय है. साथ ही  उन्होंने विदेश जाने वाले सभी मजदूरों से अनुरोध किया कि विदेश जाने से पहले वे अपने-अपने जिले में रजिस्ट्रेशन करवा लें, ताकि उनका डाटा विभाग के पास मौजूद रहे और उनके साथ होने वाली कठिनाइयों पर विभाग अपने स्तर से कार्रवाई कर सके. 

    कैमरून से लौटे श्रमिकों के बीच राज्य सरकार ने बांटा चेक

    राज्य सरकार के श्रम एवं नियोजन मंत्री सदानंद भोक्ता, मंत्री बैजनाथ राम, मंत्री बेबी देवी एवं गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने डुमरी स्थित एक निजी होटल में कैमरून से लौटे 27 प्रवासी श्रमिकों के बीच 25-25 हजार रुपये का चेक वितरित किया. इस दौरान गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने प्रवासी श्रमिकों की सकुशल वापसी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार लगातार राज्य में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है, ताकि यहां के प्रवासी श्रमिकों को काम करने के लिए बाहर न जाना पड़े. कार्यक्रम में कल्पना सोरेन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से श्रमिकों की बात राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कराई, जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वतन लौटे लोगों को बधाई दी और कहा कि राज्य सरकार लगातार पलायन रोकने के लिए काम कर रही है. साथ ही उन्होंने जिले के पदाधिकारियों को श्रमिकों का डाटाबेस तैयार कर राज्य सरकार को देने का आदेश दिया है. वतन वापसी के बाद प्रवासी श्रमिकों के चेहरे पर खुशी का माहौल देखा गया.

    रिपोर्ट : दिनेश कुमार रजक


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